कोरबा। स्वच्छता कमांडो के नाम पर मजदूर उपलब्ध कराने का ठेका लेने वाले ठेकेदार को निगम के अधिकारी बलि का बकरा बना रहे हैं। नगर निगम इन स्वच्छता कमांडो का उपयोग अपने हिसाब से करते हैं। जब गौठान में बछड़े की मौत और चारा-पानी का कोटना खाली होने, मवेशियों की खराब दशा का मामला सामने आया तो अपनी कोई भी जिम्मेदारी न मानते हुए नगर निगम के गौठान प्रभारी ने अपने और और दो सुपरवायजरों के बचाव में ठीकरा रसीद पर फोड़ दिया। नगर निगम के कर्मचारी, जिनका काम पशुओं को चारा-दाना-पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाना है, वे अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं जबकि हर महीने 60-70 हजार का चारा लिया जाता था, तो कोटना खाली व साफ कैसे थे?
खरमोरा गौठान में हुई गाय की मृत्यु के मामले में वास्तविक दोषी अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग परवेज रसीद ने की है। परवेज ने सिविल लाइन थाना,रामपुर में की गई लिखित शिकायत में कहा है कि दिनांक 13/08/2025 को खरमोरा स्थित नगर पालिक निगम के गौठान में एक बछड़े की मृत्यु हो गई थी। इस घटना को लेकर निगम अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह द्वारा मेरे विरुद्ध यह असत्य आरोप लगाया गया कि मुझे गौठान का ठेका दिया गया था और नियुक्त कर्मियों की लापरवाही के कारण उक्त मृत्यु हुई है। जबकि तथ्य यह है कि मुझे केवल सफाई कार्य हेतु लेबर सप्लाई का ठेका दिया गया है, जिसमें कहीं भी गौठान अथवा पशुओं की देखभाल का उल्लेख नहीं है। मेरा कार्य केवल सफाई कार्य हेतु श्रमिक उपलब्ध कराना है, न कि पशुओं की देखरेख करना।
नगर निगम कोरबा द्वारा स्वयं गौठान में दो-दो इंचार्ज कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी है कि वे पशुओं के चारा-पानी, स्वास्थ्य और देखभाल की समुचित व्यवस्था करें।

साथ ही मवेशियों हेतु चारे आदि की व्यवस्था भी पूरी तरह निगम द्वारा ही की जाती है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि घटित घटना में मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि वास्तविक जिम्मेदारी निगम अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह की है, जो गौठान के प्रभारी हैं और जिनकी लापरवाही तथा पर्यवेक्षण की कमी के कारण बछड़े की मृत्यु हुई,फिर भी निर्दोष ठेकेदार पर झूठे आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराई गई, जो मेरे सम्मान और अधिकारों का हनन है। अतः आपसे निवेदन है कि निगम अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 291 के अंतर्गत अपराध दर्ज करने का कष्ट करें तथा मेरे विरुद्ध दर्ज कराई गई झूठी रिपोर्ट के संबंध में भी पृथक से एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें।
