कोरबा-दीपका। हरदीबाजार में दीपका कोयला खदान विस्तार के लिए बार-बार हो रही नापी और सर्वे की कोशिशों ने ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया है। गुरुवार को पंचायत भवन में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए और साफ कह दिया कि सरपंच पर प्रशासन द्वारा दबाव बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हरदीबाजार का अधिग्रहण वर्ष 2004 से 2010 के बीच खदान विस्तार के लिए पहले ही हो चुका है। इसके बाद भी एसईसीएल प्रबंधन आज तक न तो नौकरी के लिए कटआउट लिस्ट जारी कर पाया और न ही 17 सूत्रीय मांगों पर कोई निर्णय लिया। ऐसे में जबरन मकान नापी और सर्वे कराना पूरी तरह गलत है।
बैठक में ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की बैठक हरदीबाजार में ही होनी चाहिए। इसके लिए सरपंच और पंचायत प्रतिनिधि पहले ही अपनी सहमति जता चुके हैं, बावजूद इसके तहसीलदार, एसडीएम और सीईओ के जरिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
ग्रामवासियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनसुना कर जबरदस्ती नापी और सर्वे कराया गया तो वे उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि “एसईसीएल प्रबंधन दीपका बार-बार हमारी अनदेखी कर रहा है, अब यह बर्दाश्त नहीं होगा। हमारी त्रिपक्षीय वार्ता हरदीबाजार में ही होगी, नहीं तो ग्रामवासी सड़क पर उतरकर जवाब देंगे।”
बैठक में सरपंच लोकेश्वर कंवर के साथ नरेश टंडन, बाबूराम राठौर, अरुण राठौर, रामू जायसवाल, मनीराम यादव, राजेश जायसवाल, नरेंद्र राठौर, अनिल टंडन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों का संदेश साफ है – “हमें हक चाहिए, दबाव नहीं। दीपका प्रबंधन जवाब दे कि अब तक वादों पर अमल क्यों नहीं हुआ?”