कोरबा। कलेक्टर व अधिकारियों के बार-बार निर्देश के बावजूद लोग पानी और बिजली जैसी मूलभूत समस्या से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है की सख्त निर्देश के बावजूद 24-24 घंटे से लोग अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं तो वहीं कई मोहल्ले में तीन-तीन दिन से पानी नहीं आ रहा है। जो पानी मिल रहा है वह भी पर्याप्त नहीं है।
बस्तियों व स्लम इलाकों में नगर निगम का नल भी पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहा है तो पाइप से पानी आपूर्ति की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। जो बोर विभिन्न वार्डों के मोहल्लों में लगाए गए हैं, उनसे भी पानी भरने की बात को लेकर महिलाओं और मोहल्लेवासियों में रोज किचकिच हो रही है। आपसी मनमुटाव और तनाव पानी को लेकर बढ़ता जा रहा है।
पुरानी बस्ती जो कि कोरबा शहर का हृदय स्थल है यहां के लोग भी बिजली और पानी की समस्या से लगातार जूझ रहे हैं। वार्ड के पार्षद समस्याओं का समाधान कराने के लिए अपनी तरफ से लगातार कोशिश कर रहे हैं किंतु जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण समाधान नहीं हो पा रहा है। इस बीच यह जानकारी सामने आई है कि पुरानी बस्ती के गांधी चौक मोहल्ला में बिजली की लगातार आवाजाही बनी हुई है। सुबह से रात तक और रात से सुबह तक बिजली गुल रहती है। देवांगन पारा वार्ड में भी लो वोल्टेज की समस्या बनी है। पानी की किल्लत से लोग जूझ रहे हैं।
इस बीच बुधवार रात पुरानी बस्ती के कुछ लोगों ने तुलसी नगर जोन कार्यालय पहुंचकर बिजली की समस्या से अवगत कराया व सुधार न होने पर नाराजगी जताई तो यहां एक मौजूद कर्मचारी ने शिकायत लेने से मना कर दिया। इतना ही नहीं, उसके द्वारा बस्तीवासियों से ही गाली- गलौज की जाती रही।
लगातार बढ़ती बिजली और पानी की समस्या लोगों को मानसिक तनाव दे रही है। यदि समस्या का जल्द निदान नहीं हुआ तो यह विवाद का रूप भी ले सकती है। लोग चक्काजाम, धरना प्रदर्शन, घेराव जैसी मानसिकता की बनाने लगे हैं। हालांकि विद्युत विभाग मैदानी अमले की कमी से लंबे समय से जूझ रहा है। मैनपॉवर कम होने के कारण वह सभी स्थान पर सुधार कार्य नहीं कर पा रहा है लेकिन यदि बिजली की समस्या 24 घंटे में भी दूर नहीं हो पा रही है तो हालात चिंताजनक है।
0 पार्षद टामेश अग्रवाल लगातार सक्रिय
बस्ती क्षेत्र में जहां समस्या का आना- जाना लगा हुआ है, वहीं देवांगन पारा वार्ड के पार्षद टामेश अग्रवाल द्वारा समस्या के संबंध में जानकारी मिलते ही उसका तत्काल/यथाशीघ्र समाधान करने की दिशा में कार्य भी किया जा रहा है। वह खुद लोगों के बीच पहुंचकर और सम्बंधित विभाग को सूचना देकर समस्या का समाधान कराने के लिए जुटे रहते हैं। उनके कार्यशैली से वार्ड की समस्याओं का काफी हद तक निराकरण भी हो रहा है जिसे लेकर उसके प्रति लोगों के मन में विश्वास बढ़ा है। पार्षद की सक्रियता और सजगता के कारण मैदानी अमला थी मौके पर पहुंचकर समाधान में जुटता है। हालांकि पार्षद का कहना है कि जिस तरह से पुराने कोरबा शहर और बस्ती क्षेत्र में पानी-बिजली की समस्या बढ़ रही है, उसे लेकर अधिकारियों को नई व्यवस्था पर काम करना चाहिए। आबादी और जरूरतें दिनों-दिन बढ़ती जा रही है, फिर भी बहुत कुछ पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है।
KORBA:शहर में पानी-बिजली की समस्या, बढ़ता आक्रोश,निर्देश हवा-हवाई






