कोरबा। लगातार हो रही बारिश के बीच मुड़ापार स्थित प्रधानमंत्री आवास कॉलोनी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। कॉलोनी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप होने से लगभग 300 मकानों में रहने वाले 1200 से 1500 लोग अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण केवल रोशनी ही नहीं, बल्कि पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। मोटर पंप बंद होने से लोगों को पीने के पानी तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। मोबाइल चार्ज करना, भोजन बनाना, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन के अन्य आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो गए हैं।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभागों को कई बार सूचना दी, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। बारिश के मौसम में बिजली बाधित रहने से किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है, जबकि पूरा मोहल्ला घोर अंधकार में डूबा हुआ है।
यह अत्यंत विडंबना का विषय है कि जिस योजना का उद्देश्य गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन देना है, उसी प्रधानमंत्री आवास कॉलोनी के निवासी आज बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, नगर पालिक निगम एवं विद्युत विभाग से मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था की जाए।
अब सवाल यह है कि क्या शासन-प्रशासन इन 1200 से 1500 नागरिकों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत पहुंचाएगा, या फिर ये सैकड़ों परिवार अंधेरे और पानी के संकट के बीच यूँ ही संघर्ष करते रहेंगे?
KORBA:अंधेरे में डूबा प्रधानमंत्री आवास मुड़ापार, 300 परिवारों का जीवन ठप,1500 लोगों पर गहराया संकट







