कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र के अंतर्गत निर्मित प्रधानमंत्री आवास योजना के कई आवास इन दिनों अपने वास्तविक उद्देश्य से भटकते नजर आ रहे हैं। जिन मकानों का निर्माण आर्थिक रूप से कमजोर और बेघर परिवारों को स्थायी आशियाना उपलब्ध कराने के लिए किया गया था, वहां अब बड़ी संख्या में किरायेदार निवास कर रहे हैं। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है या फिर कुछ सक्षम हितग्राही इसे कमाई का जरिया बना चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, अनेक हितग्राही स्वयं अन्य स्थानों पर निवास करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले मकानों को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया और पुलिस सत्यापन के किराये पर देकर दोहरा लाभ उठा रहे हैं। एक ओर वे शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किराया वसूलकर आर्थिक फायदा भी कमा रहे हैं।
इतना ही नहीं, नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा निर्धारित रखरखाव एवं अन्य शुल्क का भी नियमित भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे निगम को राजस्व की हानि हो रही है। इससे यह भी प्रतीत होता है कि संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर प्रभावी निरीक्षण और सत्यापन नहीं किए जाने के कारण ऐसे मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
सबसे गंभीर मामला बिजली चोरी का सामने आ रहा है। आरोप है कि कुछ आवासों में खुलेआम अवैध रूप से बिजली का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के स्पॉट बिलिंग कर्मियों को भी इन गतिविधियों की जानकारी है, इसके बावजूद दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि यह आरोप सही हैं तो यह न केवल शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाला मामला है, बल्कि ईमानदारी से बिजली बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं के साथ भी अन्याय है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो प्रधानमंत्री आवास योजना का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हो जाएगा। लोगों ने जिला प्रशासन, नगर पालिक निगम, बिजली विभाग तथा पुलिस प्रशासन से संयुक्त जांच अभियान चलाने की मांग की है।
जनहित में प्रमुख मांगें—
- प्रधानमंत्री आवासों का भौतिक सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वास्तविक हितग्राही ही उनमें निवास कर रहे हैं।
- बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार रखने वाले हितग्राहियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- जिन लोगों ने योजना की शर्तों का उल्लंघन कर आवास किराये पर चढ़ा दिए हैं, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए आवश्यक होने पर आवास का आवंटन निरस्त किया जाए।
- बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर एफआईआर दर्ज की जाए तथा राजस्व की वसूली सुनिश्चित की जाए।
- नगर निगम के बकाया शुल्क की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि इस योजना का दुरुपयोग करने वालों पर समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो शासन की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगने के साथ-साथ वास्तविक पात्र हितग्राही भी अपने अधिकार से वंचित होते रहेंगे। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर कितनी तत्परता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करते हैं।







