👉🏻 दोपहर 2.55 बजे पहुंचने वाली ट्रेन शाम 6.45 बजे पहुंचने की सूचना
👉🏻 घंटों की देरी से यात्रियों का बिगड़ा पूरा शेड्यूल, स्टेशन पर इंतजार बढ़ता गया
बिलासपुर। लंबी दूरी की ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को ट्रेन नंबर 12262 दुरंतो सुपरफास्ट एक्सप्रेस के करीब पौने 4 घंटे विलंब से चलने की सूचना से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। टाटानगर होकर मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल जाने वाली इस ट्रेन को बिलासपुर में दोपहर 2.55 बजे पहुंचना था, लेकिन इसके शाम करीब 6.45 बजे पहुंचने की जानकारी सामने आई।
नतीजा यह रहा कि बिलासपुर से आगे का सफर तय करने वाले यात्रियों का पूरा कार्यक्रम गड़बड़ा गया। कई यात्रियों को स्टेशन पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, वहीं कनेक्टिंग यात्रा और दूसरे जरूरी कामों को लेकर भी चिंता बढ़ी।
ट्रेन 12262 का निर्धारित समय बिलासपुर जंक्शन पहुंचने का 14:55 बजे और प्रस्थान का 15:05 बजे है। यह ट्रेन हावड़ा से चलकर टाटानगर, बिलासपुर, रायपुर, नागपुर होते हुए मुंबई CSMT तक जाती है।
दुरंतो नाम, लेकिन रफ्तार पर सवाल
दुरंतो को लंबी दूरी की तेज ट्रेनों में गिना जाता है, ऐसे में घंटों की देरी यात्रियों के लिए ज्यादा परेशानी वाली बात बन जाती है। खासकर उन यात्रियों के लिए, जिनकी आगे की यात्रा, बस, टैक्सी, फ्लाइट या किसी जरूरी काम का समय ट्रेन के तय शेड्यूल से जुड़ा है।
उपलब्ध पिछले रिकॉर्ड में भी इस ट्रेन की बिलासपुर पर औसत देरी अन्य प्रमुख स्टेशनों की तुलना में उल्लेखनीय रही है; 2026 के उपलब्ध आंकड़ों में बिलासपुर पर औसत देरी करीब 2 घंटे 46 मिनट दर्ज है।
यात्री पूछ रहे—आखिर कब सुधरेगी टाइमिंग?
ट्रेन की देरी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब यात्रियों से समय पर पहुंचने और निर्धारित समय के अनुसार यात्रा की अपेक्षा की जाती है, तो ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी पर जिम्मेदारी और जवाबदेही कब तय होगी? यात्रियों का कहना है कि रेलवे को सिर्फ सूचना देने तक सीमित रहने के बजाय समयपालन सुधारने की ठोस व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। बता दें कि 12262 का निर्धारित मार्ग हावड़ा–मुंबई CSMT है; टाटानगर इसका प्रमुख पड़ाव है।




