👉🏻 ठग ने कहा- पहले 10 लाख वापस करो फिर एडवांस 8 लाख मिलेंगे
👉🏻सैलरी एडवांस के झांसे में आकर गंवाया 8.50 लाख
कोरबा। एक तरफ पुलिस विभाग लोगों को साइबर ठगी से बचाने के लिए तमाम तरीके से जागरुक कर रही है तो दूसरी तरफ पढ़े-लिखे लोग ही इसका शिकार होने लगें तो क्या कहें। अनजान लोगों से टेलीफोनिक संपर्क के जरिए भरोसा करना एक प्रधान आरक्षक को लाखों की ठगी का शिकार बना गया। सैलरी एडवांस दिलाने का झांसा देकर 11वीं वाहिनी में पदस्थ प्रधान आरक्षक से 8.50 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी किए जाने का मामला सामने आया है।
प्रधान आरक्षक रथराम सिदार, निवासी पुलिस लाइन कोरबा और वर्तमान में 11वीं वाहिनी सी-कंपनी में पदस्थ हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि 29 अक्टूबर 2026 को एक मित्र के माध्यम से उन्हें सैलरी एडवांस प्राप्त करने की जानकारी मिली थी। घरेलू आवश्यकताओं के लिए करीब 8 लाख रुपये की जरूरत होने के कारण उन्होंने सैलरी एडवांस ऐप के माध्यम से प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान ऐप के कस्टमर केयर के माध्यम से चन्दन कुमार नामक व्यक्ति से बातचीत हुई। उसने सैलरी एडवांस दिलाने का भरोसा दिलाते हुए मोबाइल पर अलग-अलग ऐप और बैंकिंग प्रक्रिया के जरिए कार्रवाई कराई। उसने पहले 8 लाख रुपये एडवांस स्वीकृत होने की बात कही, लेकिन बाद में बताया कि खाते में 10 लाख रुपये भेजे गए हैं। कथित तौर पर उसने कहा कि पहले यह रकम वापस करनी होगी, तभी 8 लाख रुपये का नया आवेदन स्वीकृत कर राशि खाते में भेजी जाएगी।
उक्त व्यक्ति ने 29 अक्टूबर को वीडियो कॉल के माध्यम से भी संपर्क किया और बैंक जाकर योनो ऐप चालू कराने के लिए कहा। इसके बाद वह एसबीआई बैंक आईटीआई रामपुर पहुंचे और योनो ऐप चालू कराया। उसी दिन बैंक के बाहर से योनो एसबीआई ऐप के जरिए बताए गए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई।
यस बैंक के एक खाते में 29 अक्टूबर को दोपहर करीब 12.59 बजे 4.50 लाख रुपये और करूर वैश्य बैंक के खाताधारक मोहम्मद मोसिन के खाते में उसी दिन दोपहर करीब 3.39 बजे 4 लाख रुपये RTGS के माध्यम से भेजे गए। इस तरह कुल 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
रकम ट्रांसफर करने के बाद भी कथित तौर पर उक्त व्यक्ति ने और रकम जमा करने के लिए कहा। इस पर रथराम सिदार को संदेह हुआ कि सैलरी एडवांस दिलाने के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि झूठी जानकारी और प्रलोभन देकर उनसे कुल 8.50 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई।
घटना के संबंध में उनके द्वारा साइबर अपराध हेल्पलाइन/पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। सायबर थाना में संबंधित मोबाइल नंबर धारक व्यक्ति तथा उसके अन्य सहयोगियों के विरुद्ध धारा 318(4)-BNS के तहत जुर्म दर्ज कर लिया गया है।





