👉🏻जर्जर भवन से मरीजों को राहत, 17 सितंबर से नए भवन में OPD शुरू, 20 से 25 गांवों के मरीजों को मिलेगा इलाज
कोरबा-हरदीबाजार। पाली अनुविभाग के हरदीबाजार में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को लेकर लंबे समय से चल रही शिफ्टिंग की कवायद अब पूरी हो गई है। पुराने तहसील भवन में जरूरी रिनोवेशन के बाद वैकल्पिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू कर दिया गया है। 17 सितंबर की सुबह से नए स्थान पर OPD भी चालू हो गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदीबाजार के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा 12 सितंबर को जारी पत्र में बताया गया था कि वर्तमान PHC भवन जर्जर एवं SECL द्वारा अधिग्रहित है। पत्र के अनुसार भवन में आवश्यक निर्माण कार्य जैसे नल, बिजली और कक्ष (UPBC) आदि तैयार होने के बाद ही स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा सकता है। इसी को देखते हुए पुराने तहसील भवन को वैकल्पिक स्थान के रूप में उपयोग किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
वहीं, खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली की ओर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भेजे गए पत्र में भी पुराने तहसील भवन में PHC संचालित करने की अनुमति मांगी गई थी। पत्र में उल्लेख है कि कोयला खदान क्षेत्र से लगे होने के कारण वर्तमान भवन की स्थिति ऐसी थी कि अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती थी। 12 सितंबर को अनुविभागीय अधिकारी पाली रोहित सिंह, तहसीलदार हरदीबाजार, सरपंच पंच एवं ग्रामीणों द्वारा पुराने तहसील भवन का निरीक्षण भी किया गया था।
👉🏻 ग्रामीणों को पहले भी समझाया गया
एसडीएम रोहित सिंह ने बताया कि PHC की जर्जर स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को पहले भी कई बार समझाइश दी गई थी कि मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से स्वास्थ्य केंद्र को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करना जरूरी है। सरपंच सहित कुछ ग्रामीणों ने स्वयं फोन कर वैकल्पिक स्थान की जानकारी भी दी थी और जहां PHC शिफ्ट किया जा सकता है, वह जगह भी दिखाई गई थी।
एसडीएम के द्वारा बताया गया कि शिफ्टिंग को लेकर 3 से 4 बार बैठकें भी हुईं। अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को यह स्पष्ट किया गया कि PHC की शिफ्टिंग का तत्कालीन उद्देश्य मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा है तथा इसका माइनिंग गतिविधियों से कोई सीधा संबंध नहीं है। CMHO की ओर से भी स्वास्थ्य केंद्र को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की आवश्यकता बताई गई थी।
👉🏻20-25 गांवों के मरीज आते हैं, पुराने भवन में भर्ती करना मुश्किल
हरदीबाजार PHC पर आसपास के करीब 20 से 25 गांवों के मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षित और व्यवस्थित व्यवस्था जरूरी थी। पुराने भवन की स्थिति को देखते हुए वहां डॉक्टरों के लिए मरीजों को भर्ती रखकर उपचार करना भी संभव नहीं था।
एसडीएम रोहित सिंह ने बताया कि इसी वजह से शिफ्टिंग को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई और 17 सितंबर को पुराने तहसील भवन में वैकल्पिक PHC शुरू कर दिया गया।
👉🏻18 सितंबर को पुराने भवन से सामान हटाया गया

एसडीएम रोहित सिंह के अनुसार, PHC को 17 सितंबर को ही पुराने तहसील भवन में शिफ्ट कर दिया गया था और उसी दिन सुबह से वहां OPD शुरू हो गई थी। पुराने PHC भवन में तोड़फोड़ के समय कोई मरीज भर्ती नहीं था।
उन्होंने बताया कि 18 सितंबर की सुबह जब शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी, उस दौरान PHC के डॉक्टर करीब तीन घंटे तक सामान और आवश्यक सामग्री को नए स्थान पर शिफ्ट कराने में लगे रहे। नए स्थान पर उस समय एक नर्स मौजूद थी।
इस तरह लंबे समय से जर्जर भवन को लेकर बनी स्थिति के बीच अब हरदीबाजार PHC को सुरक्षित वैकल्पिक भवन मिल गया है और मरीजों को नए स्थान पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो चुकी हैं।




