पुलिस की नजरों से बचने के लिए दो साल तक बाबा का वेश धारण कर गांव-गांव घूमने और भीख मांगकर जीवन गुजारने वाला मारपीट का स्थायी वारंटी आखिरकार पकड़ में आ गया। उसकी पहचान मतदाता परिचय पत्र (वोटर आईडी) में लगी तस्वीर से हुई।
बिलासपुर पुलिस ने बिल्हा रेलवे स्टेशन पर बाबा के वेश में घूम रहे वारंटी को पहचानकर गिरफ्तार कर लिया। वहीं, आबकारी मामले के एक अन्य स्थायी वारंटी को भी पुलिस ने पकड़कर न्यायालय में पेश किया।
यह कार्रवाई बिलासपुर जिले में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन बाज’ के तहत की गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को स्थायी वारंटियों की तलाश कर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा राजेश जोशी के मार्गदर्शन में बिल्हा पुलिस की टीम वारंटियों की पतासाजी में जुटी थी।
दो साल से बाबा के वेश में काट रहा था जिंदगी
मारपीट के मामले में स्थायी वारंटी जगदीश बांधे, पिता सीताराम बांधे (50 वर्ष), निवासी देवकिरारी, थाना बिल्हा, पिछले करीब दो साल से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस के मुताबिक, वह बाबा का वेश धारण कर दूसरे गांवों में घूमता था और भीख मांगकर जीवन यापन कर रहा था। वेशभूषा बदल लेने के कारण गांव में भी लोग उसे पहचान नहीं पा रहे थे।
पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दौरान ग्राम सरपंच से उसके मतदाता परिचय पत्र की जानकारी हासिल की गई। इसके आधार पर उसकी तस्वीर से मिलान कर पतासाजी की जा रही थी। 17 अक्टूबर 2026 को जगदीश बांधे बिल्हा रेलवे स्टेशन पर बाबा के वेश में घूमता मिला। पुलिस ने मतदाता परिचय पत्र में लगी तस्वीर से उसका मिलान किया, जिससे उसकी पहचान की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे थाने लाया गया।
👉🏻आबकारी मामले का वारंटी भी पकड़ाया
पुलिस ने इसी अभियान के दौरान दूसरे स्थायी वारंटी मनोज टण्डन, पिता सालिक टण्डन (33 वर्ष), निवासी इन्द्रपुरी तिफरा, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर को भी तलाश कर पकड़ लिया। वह आबकारी के मामले में स्थायी वारंटी था। पुलिस ने दोनों वारंटियों को न्यायालय में पेश किया।
👉🏻एक सप्ताह में 6 स्थायी वारंट तामिल
बिल्हा पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन बाज के तहत स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि एक सप्ताह के भीतर छह स्थायी वारंट तामिल किए जा चुके हैं। पुलिस ने आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप निरीक्षक आकाश कुमार बंजारे, निरीक्षक तोपसिंह नवरंग और आरक्षक क्रमांक 886 प्रताप साहू का विशेष योगदान रहा।






