👉🏻 मानवाधिकार आयोग की जांच के बाद कार्रवाई तेज, एसडीएम की जांच रिपोर्ट में जेल भेजने से पहले मारपीट की बात आई सामने
जांजगीर-चांपा। आबकारी विभाग की कार्रवाई में पकड़े गए जगदीश गोंड की मौत के करीब तीन साल बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, एसडीएम की जांच रिपोर्ट में जेल भेजने से पहले आबकारी कर्मचारियों द्वारा मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। इसके आधार पर थाना नवागढ़ में संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई है।
पुलिस की विज्ञप्ति के मुताबिक, ग्राम कटौद निवासी जगदीश गोंड (30 वर्ष) और महादेव गोंड को 15 अप्रैल 2022 को आबकारी वृत्त शिवरीनारायण की टीम ने केरा-बिर्रा मार्ग स्थित देवरी मोड़ के पास 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ा था। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल जांजगीर में दाखिल कराया गया था। अगले ही दिन जगदीश की तबीयत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
सहबंदी के बयान और चोटों के निशान से खुला मामला
जगदीश की मौत के बाद थाना जांजगीर में मर्ग क्रमांक 45/2022 के तहत जांच की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सहबंदी के बयान और शव पंचनामा में दर्ज चोटों के निशानों सहित अन्य तथ्यों के आधार पर सामने आया कि जेल में दाखिल करने से पहले जगदीश के साथ मारपीट की गई थी।
एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना नवागढ़ में संबंधित आबकारी कर्मचारियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत हत्या का अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विवेचना जारी है।






