👉🏻 क्राइम ब्रांच का बताकर नशा के केस में फंसाने धमकाया पीड़ित को
बिलासपुर। जीपीएम जिले के एक आरक्षक द्वारा अपने कुछ साथियों के साथ जो पूर्व में पुलिस लाइन में हायर व्हीकल के ड्राइवर थे, अपने आपको रायपुर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर भयादोहन किया गया। प्रार्थी को डरा-धमका कर अपराध में फंसाने की धमकी देकर पैसे लिए गए। मुख्य आरोपी आरक्षक फरार है,अन्य की गिरफ्तारी हुई है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोटा में अपराध क्रमांक 169/26 पर धारा 308(7), 319(2),296,170,3(5) के तहत जुर्म दर्ज किया गया है।
डीएसपी नूपुर उपाध्याय ने बताया कि प्रकरण में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है
शेष आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्यवाही जारी है।
थाना कोटा में प्रार्थी अभिषेक सिंह निवासी करगीखुर्द कोटा द्वारा लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया कि 26 फरवरी की रात करीब 12:05 बजे वह अपने घर पर था। इसी दौरान घर के सामने सफेद रंग की स्कॉर्पियो-एन (CG 10-4800) और लाल रंग की स्विफ्ट कार (CG 10 BW) आकर रुकी। दोनों गाड़ियों से चार युवक उतरे और खुद को क्राइम ब्रांच की टीम बताते हुए घर के बाहर करीब 50 मिनट तक हंगामा और गाली-गलौज करते रहे। आरोपियों ने अभिषेक को फोन कर दरवाजा खुलवाया। जैसे ही वह बाहर आया, योगेश पांडेय ने उसे जबरन स्कॉर्पियो में बैठा लिया और घर से करीब एक किलोमीटर दूर ले गए। योगेश पांडेय उर्फ भूरू, विनय साहू और देव बघेल सहित अन्य ने खुद को रायपुर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए अभिषेक को नशीले पदार्थ बेचने के मामले में फंसाने की धमकी दी। इस दौरान उससे डेढ़ लाख रुपए की मांग की गई। डरे-सहमे अभिषेक ने परिजनों से संपर्क कर 54 हजार रुपए की व्यवस्था कर आरोपियों को दिए। पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने उसे छोड़ दिया। अभिषेक को छोड़ने के बाद आरोपी कोरीपारा पटैता निवासी मनोज यादव के घर भी पहुंचे, जहां गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।
👉🏻पूर्व आउटसोर्स ड्राइवरों पर शक
प्राथमिक जांच में सामने आया कि ग्रामीण इलाकों में पुलिस की आड़ लेकर वसूली करने वाले कुछ लोग पहले पुलिस विभाग में आउटसोर्स ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं। पुलिस ने चार संदिग्ध ड्राइवरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए युवकों के कुछ रिश्तेदार भी पुलिस विभाग में पदस्थ हैं। मामले का मुख्य आरोपी जीपीएम जिले का आरक्षक है जो पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी कर लिए कोशिशें जारी है।





