जेजेएम 1 का काम 80 प्रतिशत और जेजेएम 2.0 का काम बाकी
00 नरेन्द्र कुमार रात्रे 00
बिलासपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की महत्वपूर्ण योजना जल जीवन मिशन 1 के जिले में 668 गांव संचालित है, जिनमें 241 गांव में काम पूरा हो गया है। शेष 427 गांव में काम 60 से 80 प्रतिशत तक बाकी है। इन सभी गांवों में जिला पंचायत सीईओ के द्वारा जेजेएम 2.0 को अप्रैल 2026 से लागू हो गया है, जिसे अब इनकी निगरानी में ग्राम पंचायत के माध्यम से पूरा कराएंगे।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित शासन की महत्वपूर्ण योजना जल जीवन मिशन 1 को साल 2019 से लागू किया गया था। इसे विभाग के द्वारा 2026 तक पूरा करना था। लेकिन बीच में कोविड आ जाने की वजह से शासन ने इसे 2028 तक के लिए बढ़ा दिया था। इस काम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा प्रत्येक घर में पानी सप्लाई के लिए नल के कनेक्शन और पानी की टंकी का निर्माण कार्य करना था। बिलासपुर जिले के 668 गांव में इस योजना को संचालित किया गया था। अभी 241 गांवों में ही इस काम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा पूरा किया जा चुका है और शेष 427 गांवों में अभी काम 60 से 80 प्रतिशत तक हुआ है, जिसे 2028 तक पूरा करना है। इसके साथ ही जल जीवन मिशन 1 का काम लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ के माध्यम से इस काम को आगे बढ़ाना है, जिसे जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 का नाम दिया गया है। जिला पंचायत का यह काम अप्रैल 2026 से लागू हो गया है। इसे ग्राम पंचायत के माध्यम से पूरा कराएंगे जिपं के सीईओ।
0 आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी जिपं की

जेजेएम 2.0 के कामों को अब आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी जिला पंचायत सीईओ की है। इनके ही माध्यम से सभी के घरों में पानी की सप्लाई करने की जिम्मेदारी है। जिला पंचायत को जनपद और ग्राम पंचायत के माध्यम से काम को आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है। इनको भू जल रिचार्ज कर सभी घरों में पानी की सप्लाई करना है। 55 लीटर पानी प्रति दिन टंकी में स्टोर करना है, प्रति व्यक्ति और पानी को देना है। पानी टंकी के संचालन और संधारण की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत की होगी। जिला पंचायत सीईओ इनके नोडल अधिकारी नियुक्त रहेंगे।
0 बिल भुगतान में हो रही देरी

जल जीवन मिशन (जेजेएम) 1 में काम पूरा कर चुके ठेकेदारों को अभी तक भुगतान नहीं दिया गया है। जिसके कारण उन्हें आगे के काम करने और काम को पूरा करने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के पसीने छुट रहे है। करोड़ों रुपए के भुगतान अभी लंबित पड़े हुए है। ठेकदारों को काम पूरा किए हुए दो साल बीत गए है, लेकिन भुगतान अभी तक उन्हें नहीं मिला है। जमीनी स्तर में काम कराना और फोन में आदेश को देने में बहुत अंतर है, ऐसा कुछ कर्मचारियों का कहना है। काम पूरा हुए साल बीत गए है, लेकिन रखरखाव के अभाव में सब टूट फूट रहे है।
0 बिल भुगतान होगा जल्दी-ईई
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता धनंजय से इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन (जेजेएम) 1 में काम को पूरा किए हुए सभी ठेकेदारों के भुगतान की नोटशीट फाइल अभी कलेक्टर संजय अग्रवाल के पास पहुंच गई है। आने वाले कुछ ही दिनों में भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। ठेकेदारों के भुगतान में थोड़ी देरी हुई है, लेकिन आने वाले कुछ ही दिनों में सभी ठेकेदारों को भुगतान जल्द ही की जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि भुगतान की प्रक्रिया में बिल का सत्यापन ग्राम पंचायत, पंच परमेश्वर, जनपद पंचायत सदस्य, जनपद के सीईओ, एसडीओ, कार्यपालन अभियंता, सीईओ जिला पंचायत और सदस्य से सत्यापन में लेट होने के बाद ही कलेक्टर के पास भेजा गया है। इसलिए भुगतान लेट हुआ है।






