👉🏻 मूर्ति की हालत बता रही भ्रस्टाचार की कहानी
जीपीएम/ कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की स्मृति को चिर स्थाई बनाए रखने के लिए उनके नाम से आदमकद प्रतिमा के साथ अटल परिसरों का निर्माण प्रदेश भर में कराया गया। हमने पिछले दिनों नगर पालिका कटघोरा क्षेत्र में निर्मित अटल परिसर में श्री वाजपेई जी की मूर्ति की गुणवत्ता से संबंधित समाचार प्रमुखता से सामने लाया। कंक्रीट व पत्थरों की मूर्ति बनाकर उस पर कांस्य के नाम तांबा रंग का आवरण चढ़ा दिया गया। इस मामले में जहां प्रदेश भर में खलबली मची है वहीं देश में भी है मुद्दा गूंज रहा है। एक उप अभियंता को निलंबित कर विभाग ने अपनी खानापूर्ति कर ली है। लेकिन यह मांग प्रमुखता से उठाई गई है कि पूरे प्रदेश में मूर्तियों की जांच होनी चाहिए।
इस तरह की उठती मांगों और कांग्रेस के नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बीच एक और मामला मरवाही नगर पंचायत में सामने आया है। गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले के नगर पंचायत मरवाही में 25 दिसंबर 2025 को अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती के अवसर पर जिस आदमकद प्रतिमा का स्थापना कराया गया, उसकी तस्वीर आज बेहद चौंकाने वाली है। सोशल मीडिया में जो तस्वीर सामने आई है, उसे देखकर इस बात का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता की अटल जी के नाम पर भाजपा की सरकार में मूर्ति निर्माता और स्थापना कार्य का ठेका लेने वाले लोगों ने अपने सहयोगियों और चंद कमीशन के लालच में बिकने वाले अधिकारियों के साथ मिलकर श्रद्धा और आस्था के साथ इतना घिनौना खिलवाड़ किया है।

स्थानीय स्तर पर इस मूर्ति को देखने के बाद लोगों ने बताया कि इसे बनाया तो धातु से गया है, लेकिन अगर यह विशुद्ध रूप से ब्रोंज अर्थात कांस्य से निर्मित है तो प्रतिमा में दरारें व टूट-फूट आने का क्या मतलब? या तो मिक्स धातु से इसे निर्मित कराया गया है या फिर कुछ और खेला हुआ है, यह तो विशेषज्ञ के द्वारा जांच में ही पता चल सकेगा। अब तो यह जरूरी हो चला है कि पूरे प्रदेश भर में एक अभियान चला कर सभी मूर्तियों की परख करनी ही होगी। बहरहाल इस मामले में आधिकारिक तौर पर जानकारियां, जांच -पड़ताल आदि सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद सामने आ सकेंगे।







