ज्ञापन सौंपकर न्याय व कड़ी सुरक्षा की मांग
कोरबा। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (गैर राजनीतिक संगठन) के बैनर तले कोरबा जिले में हाल ही में घटी दो अत्यंत संवेदनशील और झकझोर देने वाली घटनाओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया गया है। सतनामी समाज के साथ संगठन के प्रदेश संयोजक दिलीप मिरी कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष अतुल दास,और प्रदेश उपाध्यक्ष उमागोपाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कलेक्टर और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्रमुख घटनाएँ
रजगामार क्षेत्र में 19 अक्टूबर 2026 को 7 वर्षीय मासूम भव्या जोशी की हत्या का मामला सामने आया था, जिसका शव 22 अक्टूबर 2026 को पुलिस द्वारा बरामद किया गया। संगठन ने इस पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जिस उम्र में बच्चों को खेलने-कूदने और पढ़ने का अधिकार है, उस उम्र में ऐसी हृदयविदारक घटना समाज की अंतरात्मा को झकझोर देती है।
मानिकपुर चौकी क्षेत्र के मुड़ापार दशहरा उत्सव में चाकूबाजी
दशहरा उत्सव के दौरान सार्वजनिक और धार्मिक आयोजन में चाकू से हमला किए जाने के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पदाधिकारियों के वक्तव्य व मुख्य मांगें
कोरबा सतनामी समाज के पदाधिकारी त्रिवेंद्र आदिले,मनोद मनहर,आशीष बंजारे साथ ही छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना(ग़ैर राजनीतिक संगठन) के प्रदेश संयोजक दिलीप मिरी कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष अतुल दास, और प्रदेश उपाध्यक्ष उमागोपाल ने इन घटनाओं पर कड़ी चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं जिला अध्यक्ष अलेक्स टोप्पो ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर न्याय नहीं दिलाया गया, तो संगठन कड़ा कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
संगठन की मुख्य मांगें
त्वरित एवं निष्पक्ष जाँच भव्या जोशी प्रकरण की वैज्ञानिक और पारदर्शी जाँच कर दोषियों को शीघ्र कठोरतम दंड दिलाया जाए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में न्यायालय में हो ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और आरोपी को फांसी की सजा हो।
सार्वजनिक एवं बाल सुरक्षा स्कूलों, संवेदनशील इलाकों और सार्वजनिक आयोजनों मेलों व त्योहारों के दौरान पुलिस गश्त, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत मजबूत किया जाए।
कड़े कदम भविष्य में ऐसी वारदातों को रोकने के लिए प्रशासन पुख्ता आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित करे।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक कोरबा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।






