कोरबा। आईसा नेत्री नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की कायरतापूर्ण हरकत की सीपीआई ने घोर निंदा की है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जिला परिषद कोरबा के जिला सचिव कॉ. पवन कुमार वर्मा ने कहा कि सावित्रीबाई फुले पर गोबर फेंकने वाली वही सामंती मानसिकता आज भी जिंदा है। बस तरीका बदल गया है – तब गोबर था, आज स्याही है।
नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही उनका अपमान नहीं है। यह उस विचारधारा से उपजे डर का प्रतीक है जो बराबरी, शिक्षा और सामाजिक न्याय की बात करती है।
इतिहास गवाह है – कायर हमेशा चेहरों पर स्याही फेंकते हैं, और क्रांतिकारी उसी स्याही से इतिहास लिखते हैं। चेहरे बदरंग किए जा सकते हैं, पर विचार, हिम्मत और संघर्ष को कभी दबाया नहीं जा सकता।
जिन लोगों ने स्याही फेंककर “जय श्रीराम” का नारा लगाया, उन्होंने इस पवित्र नारे को भक्ति से हटाकर नफरत का पर्याय बनाने का काम किया है। आईसा की जुझारू छात्र नेत्री कॉ. नेहा बोरा पर हुई इस शर्मनाक घटना की हम घोर निंदा करते हैं।
यह हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं है। यह लोकतंत्र पर हमला है, अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है, और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को डराने की साजिश है। असहमति का जवाब बहस से दिया जाता है, हिंसा और धमकी से नहीं। ऐसी घटनाएं समाज में भय का माहौल बनाकर लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करती हैं।
सीपीआई जिला परिषद कोरबा मांग करती है:
- तत्काल कार्रवाई: इस घटना में शामिल सभी दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- सुरक्षा सुनिश्चित हो: छात्र नेताओं, महिला कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक आंदोलन से जुड़े सभी लोगों की सुरक्षा की गारंटी सरकार दे।
सीपीआई ने कहा है की वह इस कठिन घड़ी में कॉ. नेहा बोरा और आईसा के सभी साथियों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है। हम लोकतांत्रिक अधिकारों और महिलाओं की गरिमा की रक्षा के लिए अपने संघर्ष को और तेज करेंगे।







