👉🏻मारपीट, गाली-गलौज, महिला अपमान के आरोप में हुई एफआईआर
👉🏻नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप में भी पुलिस को करनी पड़ी तीसरी एफआईआर
कोरबा। रजगामार पुलिस चौकी क्षेत्र के ओमपुर में आयोजित दशहरा उत्सव के दिन रावण दहन मैदान एवं दुर्गा पूजा पंडाल में ओमपुर के गजेंद्र भार्गव सहित अन्य लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर विवाद, गाली-गलौज और मारपीट कर माहौल बिगाड़ा। इन घटनाओं का वीडियो भी बनाकर वायरल किया गया। प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पक्षो के विरुद्ध दो एफआईआर दर्ज किया है। इसी बीच 16 वर्षीय नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप में भी गजेंद्र भार्गव , शिवशंकर उमाशंकर, गौरीशंकर और राजपाल के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में तीसरी एफआईआर भी दर्ज की गई है।

दुर्गा पंडाल में महिला पंच से मारपीट, साड़ी फाड़ने का आरोप में पहली रिपोर्ट ग्राम पंचायत रजगामार के वार्ड की निर्वाचित पंच एवं सार्वजनिक युवा दुर्गा एवं महिला उत्सव समिति ओमपुर की महिला पदाधिकारी ने दर्ज कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2026 को रावण दहन के बाद रात करीब 10:40 बजे वह ओमपुर स्थित दुर्गा पूजा पंडाल पहुंची थीं। इसी दौरान गजेन्द्र भार्गव उर्फ सोनू भार्गव, उमाशंकर, गौरीशंकर, शिवशंकर, झरना, धनाई बाई, बरखा, पुष्पा भार्गव, सोनम, सोनिया, उनके दामाद और अन्य लोग भी वहां पहुंचे। इन्होंने एक राय होकर महिला को जातिगत अपशब्द और गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की। गौरीशंकर पर मोटर साइकिल जानबूझकर तेज गति से चला कर प्रार्थिया पर चढ़ा दिया गया जिससे उसकी जान जा सकती थी और उसकी साड़ी फाड़कर अपमानित करने का आरोप है। इससे पीड़ित महिला को सार्वजनिक रूप से अपमानित होना पड़ा और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। इस मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 0624/26 के तहत गजेन्द्र भार्गव सहित नामजद आरोपियों एवं अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 296, 3(5) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
👉🏻 रावण दहन के दौरान पिकअप में जबरन चढ़ने और मारपीट का आरोप
दूसरी एफआईआर युवा दुर्गा एवं महिला उत्सव समिति ओमपुर से जुड़े कौशल चौरसिया की रिपोर्ट पर दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार, 20 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे रावण दहन कार्यक्रम के दौरान पिकअप वाहन में राम, लक्ष्मण और हनुमान के रूप में छोटे बच्चे गाड़ी के ऊपर बैठे थे। बच्चों की सुरक्षा के लिए समिति के कहने पर अनिल चौरसिया भी वाहन के पीछे चढ़े हुए थे। इस दौरान गजेन्द्र भार्गव उर्फ सोनू भार्गव पिकअप के सामने से बोनट पर चढ़कर राम-लक्ष्मण के पास जाने लगा जहां से नीचे गिरने के बाद वह दोबारा जबरन वाहन में चढ़ गया और स्काई शॉट फटाका फोड़ने लगा। लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे नौ वर्षीय बच्चे को धक्का दिया। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कौशल चौरसिया के द्वारा राम, लक्ष्मण हनुमान के रूप में छोटे बच्चों को वाहन से नीचे उतार कर रावण दहन का कार्यक्रम कराया गया लेकिन इसके बाद भी सुनियोजित तरीके से विवाद किया गया।
कौशल चौरसिया ने आरोप लगाया कि गजेन्द्र भार्गव, उमाशंकर भार्गव उर्फ छोटू, शिवशंकर भार्गव उर्फ जुगनू और उनके अन्य साथियों ने रावण मैदान में सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करते हुए धक्का मुक्की मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में ओमपुर से रावण मैदान तक आते समय भी हुड़दंग करने का आरोप लगाया गया है। मौके पर मौजूद लोगों के बीच-बचाव और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद संबंधित लोग वहां से चले गए। पुलिस ने इस मामले में गजेन्द्र भार्गव, उमाशंकर, शिवशंकर और अन्य के विरुद्ध कौशल चौरसिया के शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 296, 3(5) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया है।
✍🏻 नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप में तीसरी एफआईआर
इसी घटनाक्रम के बीच ओमपुर दुर्गा पूजा पंडाल में दशहरा के दिन 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में भी मामला दर्ज किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उमाशंकर, शिवशंकर, गौरीशंकर, गजेन्द्र भार्गव, रामपाल सहित अन्य लोगों के विरुद्ध पुलिस ने अपराध दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर एक अन्य पीडिता के चाचा गौरी शंकर के शिकायत पर दिनेश कौशल और अनिल के खिलाफ भी पुलिस ने कथित छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया है।
👉🏻 आरोप को चौरसिया ने निराधार बताया
अधिवक्ता अनिल चौरसिया ने कथित छेड़छाड़ के आरोप को निराधार बताते हुए कहा है कि गजेंद्र भार्गव के परिवार ने दशहरा के दिन कई स्थानों पर कई लोगों से मारपीट गाली गुप्तार, छेड़छाड़ जैसे अपराध किए। उनके विरुद्ध जब शिकायत हुई तो अपने शिकायत से बचने के लिए सुनियोजित तरीके से मुझे, मेरे भाई और दिनेश को फंसाने के लिए मनगढ़ंत कहानी बनाकर शिकायत किया गया है। शिकायत करने के पूर्व ही कौशल चौरसिया के द्वारा आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक को आवेदन पत्र दिया जा चुका था और अनिल चौरसिया के द्वारा भी गौरी शंकर के द्वारा हमारे विरुद्ध किए गए कथित झूठा शिकायत पर निष्पक्ष जांच करने की मांग पुलिस अधीक्षक से की गई है। शिकायत गलत पाए जाने पर झूठी शिकायत करने के साजिश में जो-जो लोग शामिल हैं, उन सभी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 248 के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की गई है।




