रायपुर/कोरबा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की युवा इकाई युवा कांग्रेस संगठन का चुनाव अपने अंतिम चरण की ओर अग्रसर है। 30 अगस्त से प्रारंभ हुए ऑनलाइन वोटिंग की प्रक्रिया का यह सिलसिला 29 सितंबर की शाम को थम जाएगा। विभिन्न पदों ब्लॉक अध्यक्ष-ब्लाक महासचिव, जिला अध्यक्ष-जिला महासचिव प्रदेश अध्यक्ष-प्रदेश महासचिव पद के लिए दावेदारी करने वाले लोगों के द्वारा 18 वर्ष से 35 वर्ष आयु के युवाओं (जिनका वोटर आईडी कार्ड बना हुआ है) से अपने-अपने पक्ष में मतदान कराया जा रहा है। इनके द्वारा अपने साथ-साथ अन्य पदों के प्रत्याशी के लिए भी मतदान कराया जा रहा है जिनके वह समर्थक हैं।
मतदान करने की इस कड़ी में जहां इस बार प्रत्याशियों को काफी मेहनत करनी पड़ रही है वहीं दूसरी तरफ जब यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण की ओर अग्रसर है, तब फर्जी वोटरों की बाढ़ आने की शिकायतें सामने आ रही है। भारी बरसात में जब लोगों का घर से निकलकर दूसरों तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है, तब ऐसे में सामान्य दिनों की अपेक्षा बरसात के मौसम में एकाएक वोटों की संख्या का बढ़ना अपने आप में सवाल पैदा कर रहा है। फर्जी वोट डलवाने का समय भी शाम 7 से 8 बजे के मध्य का तय होना बताया जा रहा है।
इस तरह की सनसनीखेज शिकायत और फर्जी वोट को लेकर सोशल मीडिया में टिप्पणियों की सुर्खी बनी हुई है। पूरे मामले की शिकायत दिल्ली में संगठन से करने की भी बात कही जा रही है।
दरअसल, बालोद जिला से प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ रहे प्रशांत कुमार जो कि वर्तमान में बालोद जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, उनके द्वारा यह सनसनीखेज आरोप प्रमुखता से सामने लाया गया है और इस पर आपत्ति भी जताई है। प्रशांत कुमार ने विपरीत मौसम में एकाएक बढ़ रहे वोटों पर सवाल उठाते हुए जहां निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाए गए हैं वही उनकी इन बातों का समर्थन भी होता नजर आ रहा है। कुछ ने तो इस चुनाव को ही निरस्त करने की मांग तक कर दी है।

अब देखना यह है कि एक निश्चित समय अवधि में डलवाए गए कथित फर्जी वोटों को लेकर यदि शीर्ष संगठन में शिकवा-शिकायत होती है तो उस पर किस तरह का संज्ञान लेकर किस तरह की कार्रवाई का निर्देश जारी किया जाता है?







