कोरबा-बांकीमोंगरा (विमल सिंह)। कोरबा जिले में सुविधाओं के नाम पर बाॅंकीमोंगरा क्षेत्र सदैव से उपेक्षित रहा है। राज्य सरकार के द्वारा आमजनों को सुविधा के लिए हर शहरों में सिटी बस की सुविधा शुरू की गई थी,अनेक जिलों में अभी ये सुविधा चालू है लेकिन पहले की तरफ नहीं।
इसी कड़ी में कोरबा जिले को भी आस पास के उपनगरो से सुगम और सस्ता आवागमन के उद्देश्य से लगभग 45 सिटी बसों की सुविधा जिले को दी गई थी। प्रारंभ में सुचारू रूप से बाॅंकीमोंगरा, बालको,दीपका, हरदीबाजार, रजगामार,कटघोरा, चांपा सहित अनेक दिशाओं में परिचालन होता रहा लेकिन बीते कुछ वर्षों से दुर्भाग्यवश वो भी इस स्थिति में आ गई है कि केवल 05 बसों का परिचालन किया जा रहा था जिससे कम से कम रोजाना आने-जाने वाले नौकरी पेशा,कॉलेज जाने वाले युवाओं सहित अनेक लोगों को सुविधा मिल रही थी, किन्तु अब पूरी सिटी बसें बंद हो गई हैं।
दुर्भाग्यजनक यह है कि 01 अगस्त 2025 से पूरी बसों का संचालन ठेकेदार के द्वारा बंद कर दिया गया है जिससे स्कूल,कॉलेज सहित नौकरी पर जाने-वाले लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
0 जेब पर आर्थिक भर पड़ रहा
बात करें बाॅंकीमोंगरा क्षेत्र की, तो जो रोजाना आने-जाने वाले लोग हैं उनके जेब पर आर्थिक भार बढ़ रहा है,जो बाॅंकीमोंगरा से कोरबा के किराया सिटी बस में 25 रुपए था वो अन्य साधनों में 50 रुपए हो गया,मतलब सीधे तौर पर दोगुना हो गया।
0 निगम को अनुबंधित राशि नहीं दिया ठेकेदार ने और भुगते जनता
सूत्र बताते हैं कि बस का पुनः संचालन कोरबा निगम के द्वारा सशर्त एक राशि निश्चित कर किया गया था। लेकिन ठेकेदार के द्वारा बीते की कई वर्षों से वह राशि निगम को दिया नहीं गया जिसके कारण अधिकारी और अनुबंधित कम्पनी/ठेकेदार के बीच कुछ बात हुई जिसमें ठेकेदार के द्वारा सिटी बसों का संचालन मनमानी तौर पर बंद कर दिया गया है।
0 सिटी बस चालकों ने कलेक्टर को आवेदन दिया
जहां एक ओर यात्रियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है,तो वहीं दूसरी ओर सिटी बस के चालक और परिचालक भी बेरोजगार हो गए हैं। विदित हो कि जब से शहर में सिटी बसों का संचालन हो रहा था, लगभग तब से ये चालक बस को चला रहे थे। अचानक से बसों का संचालन बंद होंने से उनके सामने परिवार के भरण पोषण की विकराल समस्या खड़ी हो गई है।
0 क्षेत्रीय नेता नहीं ले रहे सुध
जहां एक ओर जनता अपने चाहने वाले प्रत्याशी को अपने बुरे दौर में साथ देने और होने वाली समस्याओं का समाधान की उम्मीद से चुनाव में चयन करती है,उनकी भी कोई भूमिका इस मुद्दे में अभी तक सामने नहीं आई।
0 क्या रास्ता निकालेगा प्रशासन?*
अब देखने वाली बात ये होगी कि लोगों की इस बड़ी समस्या को देखते हुए जिला निगम प्रशासन क्या रास्ता निकालता है ? क्या वर्तमान समय में संचालनकर्ता को ही पुनः सौंपा जायेगा जिम्मा या किसी दूसरे को दिया जायेगा संचालन का काम?
0 चालक ही परिचालन के लिए तैयार
सिटी बस को वर्तमान में चलाने वाले चालकों से जब हमने संपर्क किया तो ये बात भी सामने आई कि अगर प्रशासन वाहन चालकों को परिचालन की जिम्मेदारी देती है,तो पुराने वाहन चालक ही सिटी बसों के संचालन करने को तैयार हैं।