0स्वास्थ्य विभाग ने कहा-अभी स्थिति कंट्रोल में, प्रभावितों का इलाज जारी
कोरबा,कोरबी-चोटिया। कोरबा जिले की सीमा क्षेत्र एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक अंतर्गत ग्राम पाली के दर्री पारा मोहल्ले में एक सप्ताह पूर्व फैली संक्रामक बीमारी उल्टी-दस्त से दो ग्रामीणों की अकाल मौत हो गई। महिला एवं पुरुष-बच्चे लगभग 1 दर्जन लोगों को आनन-फानन में इलाज के लिए पोड़ी उपरोड़ा भेजा गया था, जिन्हें 5 दिन बाद छुट्टी दे दी गई।

हमारे सहयोगी ने घटनास्थल पर पहुंच कर उल्टी-दस्त से पीड़ित ग्रामीण से जानकारी एकत्र कर बताया कि दूरस्थ वनांचल ग्राम पाली दर्री पारा में बीमारी से ग्रसित ग्रामीणों ने बताया कि वहां उल्टी-दस्त का संक्रमण फैलने के पूर्व मौसमी बीमारियों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य कैम्प नहीं लगाया था, ना ही विभाग की गाइडलाइन अनुसार दूरस्थ वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के फील्ड वर्करों ने जरूरी समुचित दवाइयों का वितरण किया था। ग्रामीण जानकारी के अभाव में अपने स्वयं के खर्चे से सीमावर्ती एमसीबी जिले में जाकर इलाज कराना जरूरी समझा।संक्रामक बीमारी के फैलने के दो दिन बाद इस जानलेवा संक्रमित बीमारी से पीड़ित ग्रामीणो ने स्थानीय सरपंच को घटने के बारे में अवगत कराया, तत्पश्चात स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिलने के बाद विभाग अपने कुंभकर्णी नींद से जागा।

जब टीम हरकत में आई तब तक समय पर इलाज के अभाव में संपत्त सिंह पिता सुखराज सिंह कुसरो 60 वर्ष की अकाल मृत्यु हो गई। देखते ही देखते स्कूली बच्चे एवं महिलाओं को भी उल्टी-दस्त शुरू हो गया जिसमें गनपत सुकरिया बाई 50 वर्ष,राम लाल देवशनिया 60 वर्ष,मान सिंह25 ,नीरा बाई सोहन 16 वर्ष, पार्वती, सावित्री, राजु ,हिरमतिया ज्ञान सिंह 27 वर्ष , काजल रुप सिंह, तिलेश्वर एवं अन्य ग्रामीणों का पोड़ी उपरोड़ा में उपचार चल रहा था कि 5 दिन बाद इतवार पिता बाबू लाल गोड़ की अकाल मृत्यु हो गई।
इस संबंध में उल्टी-दस्त से मृत संपत्त सिंह के दामाद गोरे लाल ने बताया कि उसके ससुर की समय पर उचित इलाज नहीं होने से 24 घंटे के भीतर मौत हो गई। अभी तक गांव में पूरी तरह फैली बिमारी की रोकथाम नहीं होने के कारण क्रिया कर्म भी नहीं किया गया है। गोरे लाल ने शासन से आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
बीमारी से पीड़ित पार्वती बाई ने बताया कि उसे कमजोरी और थकान महसूस हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ओ आर एस की पुड़िया और दर्द की टेबलेट दे कर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
दर्री पारा की कुल आबादी 260 है और 71 मकान चिन्हित कर मोहल्ले के प्राथमिक शाला स्कूल में घटना के बाद उलटी/दस्त संक्रामक बीमारी फैलने से 32 छात्र-छात्राओं की उपस्थित में मात्र पांच बच्चे स्कूल आ रहे हैं। संस्था के प्रधान पाठक जय कुंवर ने बताया कि दर्री पारा में उल्टी- दस्त फैलने से बच्चों की संख्या कम हो गई है।
इस संबंध में पाली उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ आर एच ओ आनंद कुमार सोरठे से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि ग्राम पाली के दर्री पारा में पिछले डेड सप्ताह पूर्व उल्टी दस्त की शिकायत मिली थी जिनमें दो ग्रामीणों की मौत हो गई है और लगभग एक दर्जन लोगों को इलाज के लिए पोड़ी उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रवाना किया गया था और ग्राम में कैंप भी लगाया गया था। तत्पश्चात इलाज के बाद उनके गृह ग्राम वापस भेज दिया गया और उनका समय-समय पर देखभाल किया जा रहा है। सी एच ओ रिया पोर्ते के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों के अनिश्चित कालिन हड़ताल पर चले जाने से उलटी दस्त प्रभावित गांव में उपचार एवं कामकाज पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। फिलहाल स्थिति अभी कुछ कंट्रोल में है किन्तु गांव का माहौल गमगीन है।