👉🏻 सूचना पर पहुंची पुलिस,नियमों का घोर उल्लंघन, कार्रवाई पर निगाह
कोरबा-उरगा। जिले में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर बेहद गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम तरदा में एक किराए के मकान में बड़ी मात्रा में अस्पताल का बायोमेडिकल कचरा लाल, पीले और नीले रंग के बैगों में भरकर रखे जाने का खुलासा हुआ है। कमरे से उठ रही दुर्गंध के कारण ग्रामीणों ने कल बुधवार डायल-112 को सूचना दी। वह कमरे को देख कर लौट गई। इसके बाद आज सुबह जब मालवाहन लगाकर इस कचरे को कहीं और ले जाने की तैयारी की गई तो ग्रामीणों ने विरोध कर उरगा पुलिस को सूचना दी।
इस सम्बंध में पुलिस पड़ताल कर रही है कि इतनी मात्रा में यहां मेडिकल कचरा क्यों व किसकी अनुमति से रखा गया है। उरगा थाना प्रभारी एसआई नवीन पटेल ने बताया कि मामले में प्रारंभिक जानकारी ली जा रही है। 3 दिन पहले यह मकान किराए में लिया गया था जहां विभिन्न अस्पतालों के मेडिकल वेस्टेज को भंडारण कर रखा जा रहा था। अधिकारियों की जानकारी में यह बात लाई गई है। सारी बातें स्पष्ट होने पर विधि सम्मत कार्रवाई संभव होगी।
👉🏻 अपना खर्च बचाने दूसरों पर जोखिम

प्रारम्भिक तौर पर पता चला है कि कोरबा के हॉस्पिटल और बायोमेडिकल वेस्ट उठाने वाली एजेंसी के बीच कचरा संग्रहण और निस्तारण का अनुबंध हुआ है।बायोमेडिकल वेस्ट उठाने वाली एजेंसी प्रतिदिन कचरा अपने अधिकृत उपचार केंद्र तक ले जाने के बजाय परिवहन खर्च बचाने के लिए ग्राम तरदा में किराए का कमरा लेकर कचरे का अस्थायी भंडारण कर रही थी। जब पर्याप्त मात्रा में कचरा इकट्ठा हो जाता, तब उसे एक साथ वाहन में भरकर ले जाया जाता।
👉🏻 नियम क्या कहते हैं?
Biomedical Waste Management Rules, 2016 के तहत अस्पताल से निकलने वाले संक्रमित कचरे का सुरक्षित तरीके से संग्रहण, परिवहन, उपचार और निस्तारण अनिवार्य है। इस प्रकार के कचरे को किसी सामान्य मकान, आबादी वाले क्षेत्र या अनधिकृत स्थान पर जमा करना नियमों की मंशा के विपरीत है। कचरे को अधिकृत कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पहुंचाया जाना चाहिए।
क्यों है यह बेहद खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार अस्पताल के बायोमेडिकल वेस्ट में संक्रमित पट्टियां, खून से सने पदार्थ, प्लास्टिक मेडिकल सामग्री, सुई, ट्यूब, लैब वेस्ट सहित संक्रमण फैलाने वाले कई प्रकार के अपशिष्ट हो सकते हैं। इन्हें खुले या असुरक्षित स्थान पर रखने से दुर्गंध, बैक्टीरिया और वायरस के फैलने, आवारा पशुओं द्वारा कचरा फैलाने तथा आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
👉🏻हो सकती है कड़ी कार्रवाई
यदि जांच में यह साबित होता है कि अधिकृत एजेंसी ने बिना अनुमति आबादी के बीच किराए के मकान में बायोमेडिकल वेस्ट का भंडारण किया, तो उसके विरुद्ध Biomedical Waste Management Rules, 2016, Environment (Protection) Act, 1986 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल भी एजेंसी की अधिकृत मान्यता पर कार्रवाई कर सकता है। यदि इस लापरवाही से सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा पहुंचाने के तथ्य सामने आते हैं तो अन्य वैधानिक धाराओं के तहत भी कार्रवाई संभव है।
👉🏻 इनवायरो केयर इंटरनेशनल की घोर लापरवाही
प्रारम्भिक पड़ताल के दौरान सामने आए एक एग्रीमेंट से यह स्पष्ट हुआ कि 15 जुलाई 2026 को बिलासपुर में, कोरबा स्थित वार्ड क्रमांक 28, डॉ. राजेंद्र प्रसाद नगर के J P Hospital और बिलासपुर के मुंगेली नाका स्थित Envirocare International (Chhattisgarh) के बीच बायोमेडिकल वेस्ट के संग्रहण (Collection), परिवहन (Transportation), उपचार (Treatment) एवं अंतिम निस्तारण (Disposal) के लिए अनुबंध किया गया था। एग्रीमेंट में अस्पताल को “Waste Generator” तथा Envirocare International (Chhattisgarh) को “Service Provider” बताया गया है। अस्पताल की ओर से डॉ. शिव प्रसाद को अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत किया गया है। एग्रीमेंट में यह भी उल्लेख है कि सर्विस प्रोवाइडर को Biomedical Waste Management Rules, 2016 के तहत बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित संग्रहण, परिवहन, उपचार एवं निस्तारण के लिए अधिकृत बताया गया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस तरह का एग्रीमेंट और भी दूसरे किन-किन अस्पतालों से किया गया है?
👉🏻 उठा यह सवाल
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एग्रीमेंट का उद्देश्य अस्पताल से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे का सुरक्षित संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना था, तब उसी कचरे को आबादी के बीच ग्राम तरदा के एक किराए के मकान में बड़ी मात्रा में भंडारित क्यों किया गया? यदि यह भंडारण बिना वैधानिक अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया के किया गया, तो यह न केवल अनुबंध की भावना के विपरीत है, बल्कि बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों का भी गंभीर उल्लंघन है।






