👉🏻गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
👉🏻24 घंटे निःशुल्क बिजली देने का भी रखा प्रस्ताव
कोरबा। कोयला उत्पादन और भारी उद्योगों से समृद्ध कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का उपयोग सीधे आम लोगों के हित में करने की मांग तेज होने लगी है। इसी कड़ी में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने कलेक्टर एवं जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर डीएमएफ फंड से जिले के गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के घरेलू बिजली बिल माफ करने तथा 24 घंटे निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।
पार्टी के जिलाध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम ने सौंपे ज्ञापन में कहा है कि कोरबा देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में जाना जाता है। यहां बड़े पैमाने पर कोयला खनन और औद्योगिक गतिविधियों के कारण पर्यावरण प्रदूषण का सबसे अधिक दुष्प्रभाव स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों को झेलना पड़ रहा है। इसके बावजूद इन वर्गों को बुनियादी सुविधाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बढ़ती महंगाई और आर्थिक तंगी के कारण ग्रामीण, किसान और मजदूर परिवारों के लिए घरेलू बिजली बिल का भुगतान करना लगातार कठिन होता जा रहा है। ऐसे में डीएमएफ की राशि का उपयोग जनहित में करते हुए प्रभावित लोगों को राहत दी जानी चाहिए।
👉🏻डीएमएफ से दो प्रमुख मांगें
ज्ञापन में जिला खनिज न्यास से दो प्रमुख मांगें की गई हैं—
- जिले के गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के घरेलू उपयोग के बिजली बिल पूर्णतः माफ किए जाएं।
- डीएमएफ की राशि से प्रावधान कर कोरबा जिले के ग्रामीणों, किसानों एवं मजदूरों को 24 घंटे निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाए।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का कहना है कि खनिज संपदा से प्राप्त डीएमएफ निधि का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसलिए इस राशि का उपयोग सीधे आम जनता को राहत देने वाली योजनाओं पर किया जाना चाहिए। पार्टी ने कलेक्टर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर जिले के लाखों ग्रामीण, किसान और मजदूर परिवारों को बिजली बिल के बोझ से राहत दिलाने का आग्रह किया है।







