👉🏻कारोबारी मक्कड़ पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
कोरबा-पाली। महज 5 लाख का लोन दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति के नाम पर पहले 12 लाख का ट्रैक्टर फाइनेंस कराया गया, फिर उसी ट्रैक्टर पर दूसरी फाइनेंस कंपनी से 5.75 लाख का और ऋण स्वीकृत करा लिया गया। इस तरह एक ही ट्रैक्टर पर कुल 17.75 लाख का दोहरा फाइनेंस कर पूरी राशि हड़पने के आरोप में पाली पुलिस ने बिलासपुर स्थित महिमा ट्रैक्टर्स के संचालक अंकुर मक्कड़ के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पाली थाना क्षेत्र के ग्राम बतरा निवासी जयपाल पात्रे ने रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2024 में उसे व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख की आवश्यकता थी। परिचित बाबूलाल मनहर के माध्यम से उसकी मुलाकात महिमा ट्रैक्टर्स के संचालक अंकुर मक्कड़ से हुई। शिकायत के अनुसार, अंकुर मक्कड़ ने कहा कि “तुम्हें ट्रैक्टर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी, तुम्हारे नाम पर ट्रैक्टर फाइनेंस करा दूंगा। किस्त भरते रहना, बाकी सब मैं देख लूंगा।” भरोसा दिलाकर उसने आवश्यक दस्तावेज, वनाधिकार पट्टा, आधार, पैन, बैंक पासबुक के साथ-साथ जयपाल और उसकी पत्नी से हस्ताक्षरित कोरे चेक भी ले लिए।
शिकायत के अनुसार, बाद में भारतीय स्टेट बैंक, पाली से 12 लाख का ऋण स्वीकृत कराया गया। आरोपी ने कहा कि पूरी राशि वह अपने पास रखेगा और बदले में ट्रैक्टर, ट्रॉली, केज व्हील सहित अन्य सामग्री उपलब्ध करा देगा, जिससे व्यवसाय किया जा सके।
इसके बाद जून 2025 में आरोपी ट्रैक्टर लेकर जयपाल के घर पहुंचा और महिंद्रा फाइनेंस के कर्मचारियों के साथ कुछ औपचारिकताएं पूरी कराने के नाम पर उसकी पत्नी के दस्तावेज भी ले लिए। आरोप है कि उसी ट्रैक्टर को महिंद्रा फाइनेंस से 5.75 लाख में दोबारा फाइनेंस करा दिया गया। आरोपी ने यह कहकर भरोसा दिलाया कि 12 लाख में ट्रैक्टर और अन्य सामग्री नहीं आ रही है, इसलिए दूसरा फाइनेंस कराया जा रहा है तथा बची हुई राशि भी उसे दे दी जाएगी। इसके बाद न तो ट्रॉली, केज व्हील और अन्य सामग्री दी गई, न ही कोई अतिरिक्त राशि मिली। उल्टे दोनों फाइनेंस की किस्तें शुरू हो गईं और बैंक से भुगतान के लिए दबाव बनने लगा। शिकायत में कहा गया है कि बैंक अधिकारियों द्वारा संपर्क करने पर भी आरोपी ने जवाब नहीं दिया।
👉🏻 फोन पर बताया
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि 10 जुलाई 2025 को फोन पर बातचीत के दौरान आरोपी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि एक ही ट्रैक्टर को दो अलग-अलग संस्थानों से फाइनेंस कराया गया है तथा किसी को इसकी जानकारी नहीं देने की बात कही। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस बातचीत की वॉयस रिकॉर्डिंग उसके पास सुरक्षित है।
👉🏻 30 हजार नगद दिया
जयपाल पात्रे ने आरोप लगाया कि आरोपी ने लोन प्रोसेसिंग के नाम पर 30,000 नकद भी लिए। बाद में 8 सितंबर 2025 को उसने ट्रैक्टर वापस आरोपी को सौंपते हुए दोनों फाइनेंस खातों का निपटारा करने की मांग की, लेकिन आरोपी ने ट्रैक्टर अपने पास रख लिया। शिकायत के अनुसार, वर्तमान में ट्रैक्टर भी आरोपी के कब्जे में है और 17.75 लाख की फाइनेंस राशि का भी हिसाब नहीं दिया गया है।
👉🏻 कोरे चेक रखा है आरोपी
पीड़ित ने यह भी आशंका जताई है कि उससे और उसकी पत्नी से लिए गए हस्ताक्षरित कोरे चेक का दुरुपयोग किया जा सकता है। शिकायत के आधार पर पाली पुलिस ने आरोपी अंकुर मक्कड़ के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


















