कोरबा। न्यायालय ने भिखारी को आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है।
अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण कुमार द्विवेदी ने बताया कि 14 मई 2023 को मृतक बसंत कुमार अपने साथी भिखारी उर्फ राज कंवर के साथ अपने मजदूरी का पैसा लेने कोरबा आया था। कोरबा से दोनों अपने काम का पैसा लेकर शाम करीबन 5-6 बजे ग्राम भुलसीडीह, पुलिस चौकी रजगामार वापस लौटे। मृतक के घर के पास गली में दोनों के मध्य पैसे को लेकर विवाद हुआ तब राज कंवर ने बसंत को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और अपने पास रखे खटिया के पाटी से उसके सिर एवं माथा में मार कर गंभीर चोट पहुंचाया। सिम्स अस्पताल बिलासपुर में ईलाज दौरान 15 मई 2023 को घायल बसंत की मौत हो गई।
0 7 माह बाद हुई थी गिरफ्तारी
रजगामार चौकी पुलिस द्वारा इस मामले में आरोपी भिखारी उर्फ राज कंवर पिता स्व. बिरजू कंवर 31 वर्ष निवासी दर्रापारा भुलसीडीह के विरूध्द धारा 302 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इधर,बसंत की मौत और एफआईआर की जानकारी होने के बाद से आरोपी फरार हो गया था। इस बीच 7 माह बाद दिसम्बर माह 2023 में वह घर वापस लौटा तब मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवीकार अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण कुमार द्विवेदी ने आरोपी को सख्त सजा का तर्क रखा। प्रकरण में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश,कोरबा सुनील कुमार नंदे ने दोषसिद्ध पाते हुए आरोपी को धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 100 रुपए का अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगताया जावेगा।
KORBA: हत्यारे भिखारी को आजीवन कारावास की सजा व अर्थदण्ड
