👉🏻ईश्वरीय कोप या प्राकृतिक घटना….! भय मिश्रित संशय कायम
👉🏻 एक महिला चोटिल, जज और वकील की कार दबी,कई बाइक भी क्षतिग्रस्त
कोरबा। आज बुधवार को दोपहर करीब 3:57 बजे जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में तब अफरा-तफरी का Child निर्मित हो गया जब यहां वर्षों पुराने पेड़ का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। जिला न्यायालय के प्रवेश द्वार के ठीक सामने मौजूद विशाल पीपल के पेड़ का एक हिस्सा अचानक टूटकर गिर जाने से दबकर एक मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक तिवारी की कार तथा करीब डेढ़ दर्जन बाइक क्षतिग्रस्त हो गये हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के वक्त न्यायालय में कामकाज चल रहा था, परिसर में बड़ी संख्या में वकील, पक्षकार और कर्मचारी मौजूद थे, कि तभी एक हिस्सा गिर पड़ा। पेड़ के गिरते ही लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
हादसे में न्यायालय के पास से गुजर रही 45 वर्षीय महिला सुनीता बाई के सिर पर पेड़ की मोटी डाल गिर गई। वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी और महिला को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाकर राहत कार्य शुरू किया। नगर निगम की टीम ने क्रेन और कटर की सहायता से गिरे हुए पेड़ को काट-काट कर हटाने का काम शुरू किया है।
👉🏻 बजरंगबली की नाराजगी की चर्चा अधिवक्ताओं में
ना कोई आंधी ना कोई तूफान, सामान्य मौसम में पेड़ के एक विशाल हिस्से के गिर जाने की घटना को लेकर वकीलों के बीच एक चर्चा चल रही है। दरअसल, यहां 28 अप्रैल मंगलवार को कुछ अधिवक्ताओं ने मिलकर एक जोड़े का नोटराइज्ड विवाह गवाहों के समक्ष संपन्न कराया। जिस स्थल पर आज घटना घटित हुई है, वहीं पर बजरंगबली का पुराना प्राण प्रतिष्ठित श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर स्थापित है। बजरंगबली के समक्ष मंदिर में उक्त जोड़े को विवाह के सूत्र में बांधा गया और दोनों ने एक-दूसरे को माला पहना कर,वर ने वधू को सिंदूर लगा कर विवाह की रस्म अदायगी की। अब आज घटना के बाद इस बात की चर्चा है कि बजरंगबली जो कि आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन किए, ब्रह्मचारी रहे। वे कलियुग के देवता हैं और उनके ही मंदिर में विवाह की विधि संपन्न कराना इस सांकेतिक अनिष्ट का कारण हो सकता है। फिलहाल वजह प्राकृतिक हो या ईश्वरीय नाराजगी, किंतु सावधानी बरतने के साथ ही साथ अब यहां जो कुछ हुआ, दोबारा किसी अन्य घटना के रूप में ना हो, इसे लेकर बजरंगबली की पूजा-आराधना कर उन्हें मनाने की तैयारी के बारे में भी अधिवक्तागण सोच रहे हैं।





