👉🏻खदान में सुरक्षागत घोर लापरवाही उजागर
कोरबा। एसईसीएल के कुसमुंडा कोयला खदान क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ नीलकंठ कंपनी का एक विशालकाय डंपर अनजाने में ऊपर से गुजर रही बिजली की हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आ गया। गनीमत यह रही कि उस समय लाइन में विद्युत सप्लाई बंद थी, जिसके कारण डंपर चालक की जान बाल-बाल बच गई।
जानकारी के मुताबिक नीलकंठ कंपनी के अधीन कार्यरत डंपर ऑपरेटर लकी यादव, पिता रामदास यादव, निवासी ग्राम पाली खदान क्षेत्र में काम कर रहा था। इसी दौरान डंपर का ऊपरी हिस्सा वहां से गुजरे बिजली के तार से उलझ गया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। मौजूद लोगों ने देखा कि बिजली का तार डंपर के पिछले टायरों और डाला बॉडी के बीच बुरी तरह फंस चुका था। अगर उस वक्त लाइन चालू होती, तो डंपर में करंट फैलने के साथ ही कुछ भी हो सकता था और ऑपरेटर लकी यादव की जान पर खतरा संभावित था।
इस घटना ने एसईसीएल (SECL) प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खदान क्षेत्र में जहां हर वक्त भारी वाहनों की आवाजाही रहती है, वहां इतने नीचे से बिजली का तार खिंचा होना सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।
👉🏻 सीधी और घोर लापरवाही
घटनास्थल पर मौजूद लोगों और सहकर्मियों का कहना था कि यह सीधे तौर पर वहां तैनात सुपरवाईजरों और प्रबंधन की लापरवाही है, जो समय रहते ऐसी जगहों पर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करते।
घटना के बाद सुरक्षा अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और तार को डंपर से सुरक्षित अलग करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने मांग की है कि खदान क्षेत्रों में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए बिजली के तारों को पर्याप्त ऊंचाई पर रखा जाए।





