👉🏻 इसके कारण पत्नी और बेटी की हत्या कर जान दी थी ग्रामीण ने
कोरबा। ग्राम भाठापारा कुकरीचोली में करीब डेढ़ साल पूर्व हुई दो हत्या और खुदकुशी के मामले में न्यायालय ने मौतों की जिम्मेदार आरोपिया को 5 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है।
निर्णित मामले के अनुसार घटना दिनांक 12-05-2024 को रात्रि 8:30 बजे सूचक श्रीराम रजक ने थाना उरगा में इस आशय की सूचना दी कि उसकी भतीजी जयशिका और बहु सुजाता कमरे मे सोई थी और दरवाजा खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला। दरवाजा को तोड़कर देखा तो भाई जयराम खून से लथपथ पड़ा था, बहू और भतीजी अचेत अवस्था में पड़े थे। उक्त सूचना को दर्ज करने के पश्चात् पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरू की। विवेचक द्वारा यह पाया गया है कि मृतक जयराम रजक द्वारा आरोपिया संतोषी जगत के मकान का निर्माण किया जा रहा था तथा निर्माण की बकाया राशि 1 लाख 88 हजार 100 रुपये आरोपिया द्वारा मृतक जयराम रजक को नहीं दिये जाने के कारण वह परेशान होकर पहले अपनी पत्नी सुजाता रजक और पुत्री जयशिका रजक की हत्या की, उसके पश्चात् स्वयं ही आत्महत्या कर ली और इसके कारणों को लेबर पेंमेंट के रजिस्टर में सुसाइड नोट के रूप में अंकित किया।
👉🏻अपराध की गंभीरता, दंड में उदारता नहीं
उभयपक्षों के अधिवक्ता द्वारा रखे गये तर्को पर न्यायाधीश द्वारा गहनतापूर्वक विचार किया गया। शासन की तरफ से लोक अभियोजक राजेन्द्र साहू ने कठोर दण्ड का पक्ष रखा। सत्र न्यायाधीश एस शर्मा ने पारित आदेश में कहा कि मृतक जयराम द्वारा आत्महत्या किया जाना तथा अपनी पत्नि और पुत्री को भी समाप्त कर देना, अपराध के घनत्व और गंभीरता को और भी बढ़ा देता है। ऐसी स्थिति में दंड का निर्धारण करने में उदारता का दृष्टिकोण अपनाना न्याय के उद्देश्य को विफल करने के समान होगा। विचारोपरांत आरोपिया को धारा 306 भा.द.वि. के अपराध में पॉच वर्ष के कारावास तथा पाँच हजार रूपये के अर्थदंड से किया गया है। अर्थदंड जमा करने में व्यतिक्रम होने पर आरोपिया को छः माह का अतिरिक्त कारावास भुगताया जावेगा।






