🫵🏻 कटघोरा में मालवाहनों के चालक परेशान,वीडियो सामने आया
कोरबा। भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भले ही कुछ एक मामले पकड़ में आए हों लेकिन अभी भी इसे जड़ से खत्म करना शेष है, जो असंभव है। एक हद तक लेन-देन को शिष्टाचार में लोगों ने शामिल तो कर लिया है लेकिन अभी भी बहुत से लोगों का ईमान इसे स्वीकृति नहीं देता। ऐसे ही एक मालवाहन के चालक ने बेवजह मांगे जाने वाले रुपए को देने से इनकार किया तो उसके साथ विवाद हो गया।
उसने इस घटनाक्रम का वीडियो साझा करते हुए बताया कि मामला कोरबा जिले में खनिज विभाग के कटघोरा ब्लाक अंतर्गत चंदनपुर स्थित कांटाघर का है जिले में आने वाले कोयला मालवाहनों को इस कांटाघर से वजन और जांच कराते हुए मुहर लगवाने के बाद आगे बढ़ना होता है। विडम्बना है कि कांटाघर में तौल तो होता नहीं क्योंकि यह वर्षों से बंद पड़ा हुआ बताया जाता है लेकिन वजन मापन की फॉर्मेलिटी जरूर पूरी होती है। यहां पर्ची पर मुहर लगवाने के एवज में ₹20 का एक न्यूनतम शुल्क निर्धारित किया गया है जो भी जायज नहीं है। हालांकि प्रभावित मालवाहनों के चालक इसे स्वीकार कर लेते हैं किंतु अब यह रकम बढ़ाकर 50 रुपए कर दी गई है। प्रति मालवाहन 50 रुपए लिए बगैर मुहर नहीं लगाए जा रहे हैं,फिर चाहे माल सरकारी हो या निजी कम्पनी का। 50 रुपए की राशि चालक के लिए बड़ी रकम होती है, वह भी बिना किसी मतलब के और वह जब इसे देने से इनकार करता है तो मुहर नहीं लगाई जाती। इसी का प्रतिकार इस चालक तस्लीम अंसारी ने किया तो उसका विवाद हो गया। इस खनिज जांच नाका/कांटाघर से प्रतिदिन 100 से अधिक मालवाहन गुजरते हैं जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि 5 से 6000 रुपए की अवैध वसूली यहां हर दिन हो रही है।
उजागर घटनाक्रम दो दिन पहले 1 मार्च 2026 का बताया जा रहा है जिसमें वीडियो बनाने वाले चालक तस्लीम अंसारी की मानें तो छत्तीसगढ़ की सीमा रामानुजगंज में भी प्रति मालवाहन 200 रुपये की वसूली धड़ल्ले से हो रही है। चालकों के लिए इस तरह से जगह-जगह राशि दे पाना मुश्किल होता है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि इस परंपरा को वर्षों से आगे बढ़ाया जा रहा है लेकिन जो इसे स्वीकार नहीं करते उनकी अपेक्षाएं सरकार और स्थानीय प्रशासन से बढ़ जाती हैं कि वह इस तरह की गलत परंपरा पर रोक लगाएं। यह भी जांच का विषय है कि आखिर इन्हें इतनी हिम्मत किस बैक सपोर्ट से मिल रही है, जो यह रुपए देते हुए वीडियो बनाने की भी धौंस खुलेआम दे देते हैं। कांटाघर में 20 रुपये हो या 50 रुपये, इसकी अवैध रूप से की जा रही वसूली पर रोक लगाने के साथ ही संबंधितों पर कठोर कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई जा रही है।






