0 46 वर्षों से हर साल अनवरत देते आ रहे हैं संगीतमय श्रद्धांजलि
कोरबा। हिन्दी सिनेमा के श्रेष्ठतम और कालजयी पार्श्व गायक मोहम्मद रफ़ी जिन्हें पूरा विश्व आदर से रफ़ी साहब के नाम से पुकारता है, उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर कोरबा शहर में एक भावुक और सुरम्य संगीतमय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
मो. रफी के नाम इस यादगार शाम का आयोजन कोरबा शहर के वरिष्ठ गायक रमेश शर्मा “कुमार भैया” द्वारा मुख्य मार्ग में गुप्ता गली स्थित अपने दुकान के पास किया गया। उल्लेखनीय है कि कुमार भैया वर्ष 1980 से लेकर अब तक, विगत 46 वर्षों से लगातार रफ़ी साहब की स्मृति में इस कार्यक्रम का सादा किन्तु गरिमामय आयोजन करते आ रहे हैं। संगीत और मो. रफी के प्रति उनका यह समर्पण शहर में मिसाल बन चुका है। लोग उनकी आवाज के दीवाने हैं। उनका एक गीत “हसदो नदी तट पर मंदिर सर्वमङ्गला है”….एलबम में काफी फेमस हुआ।
मुख्य अतिथि द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि मधु डिडवानिया द्वारा विद्या की देवी माँ सरस्वती एवं संगीत के पुरोधा मोहम्मद रफ़ी साहब के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर किया गया। रमेश शर्मा व वल्लभ भाई मकवाना ने भी नमन किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि”रफ़ी साहब की आवाज़ अमर है। वे केवल एक गायक नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के इतिहास का एक पूरा युग थे। कुमार भैया द्वारा पिछले साढ़े चार दशकों से लगातार उनकी याद में यह आयोजन करना संगीत के प्रति उनके अतुलनीय प्रेम को दर्शाता है।”
सावन की फुहारों के बीच गूंजे रफ़ी साहब के नगमे कार्यक्रम के दौरान सावन की रिमझिम बारिश ने माहौल को और भी खुशनुमा और सुहाना बना दिया। शहर के कोने-कोने से पहुंचे संगीत प्रेमियों ने बारिश के बीच बैठकर रफ़ी साहब के सदाबहार गीतों का जमकर आनंद लिया।
विशेष आकर्षण रमेश शर्मा “कुमार भैया” द्वारा प्रस्तुत रफ़ी साहब के क्लासिकल और कालजयी गीत रहे। सावन की ठंडक के बीच सुरीले गीतों की गूँज से क्षेत्र संगीतमय हो उठा। सभी संगीत प्रेमियों ने ताली बजाकर और गुनगुनाकर हर गीत का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
यह शाम केवल गानों की प्रस्तुति भर नहीं थी, बल्कि संगीत, समर्पण और रफ़ी साहब के प्रति कोरबा शहर के अगाध प्रेम का एक सुंदर संगम बनी। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।







