0 समाज कल्याण विभाग के उप संचालक सक्सेना का कारनामा
0 बुजुर्गों ने की थी स्नेह सदन वृद्धाश्रम की अव्यवस्थाओं की कलेक्टर से शिकायत
कोरबा। स्नेह सदन वृद्धाश्रम की अव्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में दो बुजुर्गों ने शिकायत की थी। इधर, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक द्वारा शिकायत को दबाने के लिए बुजुर्गों के बयान को पलट दिया गया और प्रशांति वृद्धाश्रम के केअरटेकर पर आरोप मढ़ दिए गए।
5 जनवरी, 2026 को बुजुर्ग सहदेव चौहान एवं पदुमलाल डिक्सेना कलेक्टर जनदर्शन में स्नेह सदन वृद्धाश्रम की शिकायत लेकर पहुंचे थे। शिकायत पत्र लेकर टोकन क्रमांक 2050126000089 एवं सुरक्षा क्रमांक 892 जारी किया गया। दोनों बुजुर्गों ने शिकायत में बताया था कि वे करीब 8 माह से समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्नेह सदन वृद्धाश्रम में निवास कर हैं। स्नेह सदन वृद्धाश्रम में खाने- पीने की समस्या है और यहां के कर्मचारियों का बुजुर्गों के प्रति उचित व्यवहार नहीं है। इनके द्वारा बुजुर्गों के साथ मारपीट तक की जाती है। स्नेह सदन के कर्मचारी सामानों की भी हेराफेरी करते हैं। शिकायत पत्र में कहा गया था कि उन्हें दूसरे वृद्धाश्रम में भर्ती करा दिया जाए अन्यथा वे आत्महत्या कर लेंगे। दोनों बुजुर्गों को कलेक्टर ने दूसरे आश्रम में जाने कहा और शिकायत पत्र पर उप संचालक, समाज कल्याण विभाग तथा सहायक कलेक्टर को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने लिखा गया। जनदर्शन से निकलकर दोनों बुजुर्ग प्रशांति वृद्धाश्रम आ गए। स्थानीय पार्षद ने भी दोनों बुजुर्ग को प्रशांति वृद्धाश्रम में आश्रय देने निवेदन किया था। 5 जनवरी, 2026 को ही देर शाम को समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना एवं सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले प्रशांति वृद्धाश्रम पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने सहदेव चौहान एवं पदुमलाल डिक्सेना का बयान लिया। सहदेव चौहान एवं पदुमलाल डिक्सेना ने अपने बयान में वही कहा जो उन्होंने शिकायत पत्र में उल्लेख किया था। दोनों अधिकारियों ने शिकायत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जो चौंकाने वाला था। जांच प्रतिवेदन में सहदेव चौहान एवं पदुमलाल डिक्सेना द्वारा दिए गए बयान को पलट दिया गया। जांच प्रतिवेदन में यह उल्लेख किया गया कि दोनों बुजुर्गों ने स्नेह सदन वृद्धाश्रम की व्यवस्था को बहुत अच्छा बताया है। दूसरी ओर जांच प्रतिवेदन में प्रशांति वृद्धाश्रम के केअरटेकर बीरू यादव का उल्लेख करते हुए कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई। जबकि जनदर्शन में दोनों बुजुर्गों द्वारा स्नेह सदन वृद्धाश्रम की शिकायत की गई थी न की प्रशांति वृद्धाश्रम के केअरटेकर की। बताया गया है कि जांच प्रतिवेदन समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना द्वारा तैयार किया गया है। प्रशांति वृद्धाश्रम के केअरटेकर बीरू यादव एवं नवदृष्टि समाजसेवी संस्था द्वारा जांच प्रतिवेदन पर लिखित आपत्ति जताई गई है।





