👉🏻छटाँक भर के कचरा विवाद में FIR के बाद जमानत,फिर BNSS की कार्रवाई की सम्भावना से भयभीत धमेचा
👉🏻 मामला पहुंचा हाईकोर्ट, अब मुख्यमंत्री से शिकायत
कोरबा। “मैं तुमको गुमराह नहीं करूंगा कुछ कार्यवाही करूंगा लेकिन तुमको बचने का रास्ता भी मैं बताऊंगा। शासन-प्रशासन व नगर निगम सब एक हो गये हैं। तुम शासन-प्रशासन से लड़ नहीं पाओगे। दिक्कत नहीं तो बाद में बहुत बढ़ जायेगी, ये लोग तुम्हारा हाल मुकेश साहू बरबट्टी जैसा कर देंगे (मतलब तुम्हारा घर दुकान तोड़ेंगे और जिलाबदर कर देंगे जैसा मुकेश बरबट्टी के साथ किया गया था)। तुम थाने आ जाओ, हर चीज फोन पर नहीं बता सकता।”
मोबाइल पर हुई बातचीत के इस अंश को उल्लेखित करते हुए तीन पन्नों की एक शिकायत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से लेकर विभिन्न स्तर पर शहर के बैग व्यवसायी दीपक धामेचा के द्वारा की गई है। दीपक धामेचा के मुताबिक, वह इस तरह की धमकी और लिखाई गई झूठी एफआईआर, उसमें न्यायालय से जमानत मिल जाने के बाद भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने और बर्बाद कर देने की दी जा रही धमकियों से परेशान है। इसके अलावा उसे उसके साथ घटित कचरा के विवाद को लेकर उत्पन्न हालातों के बाद से अब तक एक दर्जन से अधिक नोटिस निगम के द्वारा दी जा चुकी है, जिसके जवाब देते-देते वह थक चुका है। दीपक धामेचा ने नगर निगम के कमिश्नर, कोतवाली के तात्कालिक थाना प्रभारी के विरुद्ध शिकायत में निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग की है।
(यहां यह बताना जरूरी है कि मुकेश साहू बरबट्टी का मामला और व्यवसायी दीपक धामेचा का मामला पूरी तरह से अलग है। बरबट्टी अवैध कबाड़ के कारोबार में वर्षों से संलिप्त है। उसके द्वारा सरकारी लोहा पुल की काटकर चोरी करने सहित जीएसटी की चोरी जैसे तमाम तरह के गंभीर मामलों में कार्रवाई हुई हैं। नहर पर बने लोहा के पुल की चोरी और वर्षों से दर्ज मामलों को लेकर उसे जिला बदर कर दिया गया है। उसके राताखार स्थित अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की गई जबकि दीपक धामेचा का मामला मामूली कचरे को लेकर विवाद से जुड़ा है। इस मामले को लेकर जहां व्यवसायी के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए पार्षदों ने अपर कलेक्टर से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी वहीं दूसरी तरफ निगम की कार्रवाई के विरोध में चेम्बर ऑफ कॉमर्स के द्वारा निगम प्रशासन को पत्र लिखकर अपनी बातें रखी गई थी।)
👉🏻 अधिकारियों का यह कहना
लगाये जा रहे आरोपों के संबंध में निगम कमिश्नर आशुतोष पांडेय का कहना है कि शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने, कचरा फैलाने के मामले में किए गए जुर्माना की राशि ना पटाते हुए शासकीय सेवक से हुज्जत बाजी करने और धमकी देने के मामले में उसके विरुद्ध विधि सम्मत FIR दर्ज कराई गई है। किसी से कोई व्यक्तिगत दुर्भावना जैसी बात नहीं है,नियमतः कार्रवाई की गई है और व्यवसायी कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र है। तत्कालीन थाना प्रभारी ने कहा है कि उन्होंने निगम के कर्मचारी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक ही एफआईआर दर्ज की है।
👉🏻 जरा सा कचरा, मामला ऊपर तक, देखें क्या है शिकायत
मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में दीपक धामेचा पिता स्व. रूपचंद धामेचा, 42 वर्ष, निवासी- एस.एस.एस. ग्रीन कॉलोनी ने बताया कि:-









