दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य नशा के ढेर पर है। हर उम्र के लोग नशा की चपेट में लाए जा रहे हैं। शराब के साथ-साथ गांजा, इंजेक्शन, टेबलेट्स के बाद अब अफीम का नशा परोसने की तैयारी में नशा के सौदागर लगे हैं। इसी कड़ी में दुर्ग जिले में अफीम की चोरी-छिपे खेती का मामला पहली बार सामने आया है। सूचना पर पुलिस ने छापेमार कार्रवाई कर डेढ़ एकड़ में अफीम की फसल कब्जे में ले ली। पुलिस एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
यह मामला जेवरा सिरसा चौकी के समोदा गांव का है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली की कि समोदा गांव के एक खेत में अफीम बोया गया है। सूचना पर शुक्रवार को जेवरा सिरसा चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और छापा मारा।
पुलिस ने मौके पर देखा कि डेढ़ एकड़ खेत में अफीम बोया गया है, वहां बड़ी चालाकी से चारों तरफ ज्वार भी बोया गया था ताकि किसी को भनक न लगे। ज्वार के बीच में अफीम को छिपाकर उगाया गया है।
👉🏻खेत लीज पर लेकर उगाई अफीम की फसल
पुलिस ने जांच शुरू करते हुए खेत के मालिक से पूछताछ की। खेत के मालिक का कहना है कि उसने अपनी जमीन लीज पर दी थी और उसे नहीं पता था कि वहां किसकी खेती हो रही है। खेत में काम करने वाले मजदूर खंडवा के हैं। फिलहाल पुलिस ने विनायक ताम्रकार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अफीम की खेती को देखकर पुलिस ने मौके पर तहसीलदार और आरआई को बुलाया है और उनकी मौजूदगी में आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरी तरह से सोची-समझी साजिश के तहत अफीम उगाई जा रही थी। अफीम के खेत के पास अब बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए हैं।
एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि शुक्रवार को समोदा गांव में अफीम की खेती की सूचना पर छापेमार कार्रवाई की गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और संदिग्ध से पूछताछ जारी है।





