👉🏻 मामला अवैध वसूली को संरक्षण और कमीशनखोरी
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में इन दिनों उमस भरी गर्मी के बीच सियासत भी गर्म है। प्रदेश के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और पूर्व राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल के बीच जुबानी जंग जारी है। पिछले दिनों जहां एक-दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप सोशल मीडिया में खूब जोरों से वायरल हुआ तो अब इसी मसले को लेकर पूर्व मंत्री के द्वारा उद्योग मंत्री और उनके लोगों को कार्यों पर लगातार घेरने की कवायद की जा रही है।
इसमें कोई संदेह नहीं कि आग लगने पर ही धुआं उठता है। कहीं ना कहीं यह आग सीधे और सरल-सहज उद्योग मंत्री के खेमे के लोगों ने लगाई है जिससे मंत्री जी वाकिफ भी हो सकते हैं और नावाकिफ भी, लेकिन उनके लोगों के द्वारा लगाई जा रही अवैध वसूली की आग का धुआं तो अब ऊपर उठने लगा है। कानों-कान यह बातें वैसे तो ऊर्जाधानी से लेकर राजधानी तक सत्ता गठन के करीब 6 माह बाद से ही उठने लगी थी लेकिन मंत्री जी के व्यवहार के कारण इन पर कोई गौर नहीं करता था। अब तो बात सिर के ऊपर से पानी गुजरने जैसी हो चली है तो भाजपा खेमे से जुड़े लोगों में भी आंतरिक असंतोष उभरा है। इसी आंतरिक असंतोष को समय-समय पर कांग्रेस सामने लाने का काम कर रही है।
आज पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आखिरकार इन बातों को उजागर कर ही दिया कि किस तरह से अवैध वसूली का पूरा कारोबार कहां से संचालित हो रहा है।
वैसे पिछले दिनों उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने अवैध राखड़, अवैध रेत के कारोबार के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा की न मेरे पास, ना मेरे भाई के पास ना भतीजा, ना बेटे के पास कोई ट्रक है ना ट्रैक्टर तो क्या मूड़ में बालू ढोएंगे…! इसके जवाब में आज पूर्व मंत्री ने इशारों-इशारों में कह दिया कि खुद के पास कोई साधन न हो लेकिन दूसरों के साधन से तो सारा कुछ किया ही जा रहा है। पूर्व राजस्व मंत्री की प्रेस वार्ता का यह अंश काफी वायरल होने लगा है।
👉🏻 दबंगई के कारण दूसरे भाजपा नेता काम नहीं कर पा रहे
महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक के सिलसिले में पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल के द्वारा बुलाई गई प्रेस वार्ता में सवाल-जवाब के दौरान मामला पोल खोलने तक पहुंच गया।
जुबानी जंग से ही जुड़े एक सवाल पर पूर्व मंत्री ने बेबाक आरोप लगाया कि मंत्री देवांगन का कोहड़िया स्थित आवास के 18 कमरे अवैध वसूली का मुख्यालय है, जहां मंत्री के भाई-भतीजा और ओएसडी चेंबर खोलकर बैठे हुए हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि जिले में होने वाली हर तरह की अवैध वसूली, चाहे वह कोयला हो, डीजल हो या रेत, सबकी डोर एक ही जगह से हिलती है और वह जगह है कोहड़िया का वह घर। उन्होने मंत्री लखनलाल देवांगन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भाई पूरे जिले में रेत के कारोबार को कंट्रोल कर रहे हैं। मंत्री के भाई की दबंगई की वजह से दूसरे बीजेपी के नेता रेत की सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। मंत्री के कोहड़िया स्थित 18 कमरों वाले भवन में उनके भाई-भतीजा और ओएसडी चेंबर खोलकर बैठे हुए हैं।
पूर्व मंत्री ने मंत्री श्री देवांगन के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होने कहा था कि उनके और उनके भाई-भतीजा के पास न तो ट्रेक्टर है और ना ही ट्रेलर है ऐसे में क्या वो अपने मूड़ (सिर) में बालू ढोयेंगे ? मंत्री देवांगन के इस बयान पर पूर्व मंत्री ने तत्कालीन 2 कलेक्टर व 2 एसपी का नाम लेते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भी जमकर कोयला और रेत की तस्करी कर अवैध वसूली की गयी, तो क्या उस वक्त एसपी-कलेक्टर ने रेत और कोयला परिवहन के लिए ट्रेलर खरीदा था ? उस वक्त भी अधिकारियों के संरक्षण में खुलेआम कोयला, डीजल और रेत की चोरी हुई और वही काम अभी भी राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है, जिसका पूरा नियंत्रण कोहड़िया के निवास से है।
श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि मंत्रीजी के भाई-भतीजा और उसके साथ घुमने वाले, दलाली करने वाले लोगों के पास क्या-क्या है, मुझे सब मालूम है, आप बोलेंगे तो सारी जानकारी सामने रख दूँगा।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के इस बयान ने एक बार फिर सूबे की राजनीति के साथ ही प्रशासनिक कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।
वैसे, यह तो सीधे तौर पर सबको नजर आ ही रहा है कि जिस बड़े पैमाने पर कोरबा जिले में रेत का अवैध खनन, परिवहन और भंडारण बिना रोक-टोक के हो रहा है, राखड़ परिवहन और निस्तारण में जिस तरह से मनमानी चल रही है, अनेक विभागों में भर्राशाही मची हुई है, विकास कार्यों के नाम पर बिना काम कराए ही रुपए निकाल कर सत्ता की धौंस दिखाकर बंदरबांट मची हुई है, इन सब में कहीं ना कहीं स्थानीय राजनीतिक संरक्षण तो मिल ही रहा है। अब यह संरक्षण कौन, किसको, किस शर्त पर दे रहा है, यह तो लेने- देने वाला ही जाने…।





