कोरबा। कोरबा जिले में दो किसानों के द्वारा जहर सेवन करने के मामले को लेकर मची उथल-पुथल के बीच पहली घटना की जांच में जहां प्रशासन ने इस घटनाक्रम के धान खरीदी मामले से जुड़े होने को पूरी तरह से खारिज कर दिया है वहीं मेडिकल कॉलेज की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जहर जैसी कोई बात नहीं बल्कि पी गई शराब के कारण स्वास्थ्य पर पड़े असर की वजह से ऐसे हालात निर्मित हुए थे।
प्रशासनिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद अब इस मामले का जहां पटाक्षेप हो गया है वहीं जहर सेवन के दूसरे घटनाक्रम को लेकर अपुष्ट तौर पर जो जानकारी कुछ ग्रामीणों के मध्य से निकलकर सामने आ रही है उसके मुताबिक यह मामला धान से जुड़ा तो है लेकिन खुदकुशी का प्रयास की वजह धान नहीं बल्कि पारिवारिक या कुछ और कारण हो सकता है। हालांकि पुलिस की जांच चल रही है और प्रशासन की भी जांच जारी है, लेकिन यह भी सवालों में है कि जब हरदी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम झांझ के रहने वाले बैसाखू पिता भुरूवा उम्र लगभग 60 वर्ष की समस्या का समाधान उसकी जानकारी में हो रहा था तब ऐसे कौन से कारण हैं कि उसने आत्मघाती कदम उठाने की सोची?
मंगलवार को दोपहर के वक्त बैसाखू हरदी बाजार तहसील कार्यालय परिसर में कुर्सी पर बेहोशी के आलम में पड़ा हुआ मिला। यह बात प्रारंभिक तौर पर सामने आई कि वह अपने खेत के कम रकबा व कम धान प्रदर्शित होने को लेकर परेशान है किंतु इसी सिलसिले में वह तहसील कार्यालय भी आया हुआ था। सूत्रों के हवाले से ज्ञात हुआ है कि उसके रकबा कम दिखने की समस्या को निराकृत किया जा रहा था। हालांकि पूर्व् में उसके रकबा का सत्यापन की कड़ी में फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं हो पाया था जिसकी वजह से यह दिक्कत आ रही थी किंतु सोमवार को हल्का पटवारी के साथ वह काफी समय तक रहा और पटवारी ने बताया भी था कि सुधार कार्य कर दिया गया है,जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा। आज मंगलवार को तहसील कार्यालय आने पर बाबू ने भी उसे जानकारी दी थी कि उसके सही रकबा का वेरिफिकेशन हो गया है और दो-तीन दिन में सारा रिकार्ड दुरुस्त हो जाएगा। इस तरह इतना तो स्पष्ट है कि इस किसान की समस्या का समाधान लगभग हो चुका था फिर उसने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन क्यों किया?
जब इस संबंध में गांव के कुछ लोगों से जानकारी हासिल की गई तो सूत्रों के हवाले से पता चला कि करीब तीन-चार साल पहले भी बैसाखू ने खुदकुशी करने की कोशिश की थी। उस वक्त उसने फांसी का फंदा बनाकर आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया किंतु ऐन वक्त पर रस्सी टूट जाने से उसकी जान बच गई। नाम उजागर न करने की शर्त पर हमारे सूत्र को गांव के कुछ लोगों ने बताया कि मामला निजी या कुछ और हो सकता है या किसी दूसरे तनाव के दौर से वह गुजर रहा हो, जिसके कारण किसी बात को लेकर तहसील कार्यालय परिसर में किसी जहर का सेवन कर लिया। बहरहाल,अपने-अपने स्तर पर जांच जारी है। जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी लेकिन इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि खुदकुशी का प्रयास के पहले मामले की तरह दूसरा मामला भी कुछ और निकल जाए।
जहर का दूसरा मामला भी सवालों में….! यह बात आ रही सामने,जांच जारी





