कोरबा। रात्रि करीब 3:30 बजे एक परिवार में उस वक्त हड़कम्प मच गई जब बिस्तर के एक किनारे में साँप बैठा हुआ दिखा। रात 3:30 बजे जब सब गहरी नींद में रहते हैं, तब मोबाइल की रिंगटोन बजते ही जितेंद्र सारथी अलर्ट हो गए। मानिकपुर क्षेत्र से पुलिस विभाग के आरक्षक हितेश राव ने वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम (नोवा नेचर) प्रमुख जितेंद्र सारथी को फोन कर बताया कि सामने वाले घर में एक सांप घुस आया है, जो बिस्तर के एक किनारे बैठा हुआ है,साथ ही आशंका जताई गई कि संभवतः घर की महिला को सांप ने काट लिया है।
सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी ने सबसे पहले महिला को तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी और कुछ समय बाद स्वयं मौके पर पहुंचकर सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान सांप की पहचान कॉमन वुल्फ स्नेक (Common Wolf Snake) के रूप में की गई, जो जहरीला सांप नहीं है।
रेस्क्यू के बाद भी जितेंद्र सारथी ने अपनी जिम्मेदारी यहीं समाप्त नहीं की। वे स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और महिला तथा ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक को बताया कि रेस्क्यू किया गया सांप जहरीला नहीं था।यह जानकारी मिलने के बाद महिला ने राहत की सांस ली।
जितेंद्र सारथी ने कहा पुलिस विभाग में पदस्थ सिपाही (हितेश राव) ने अपनी जिम्मेदारी निभाया जिससे पुलिस प्रशासन पर परिवार का विश्वास बढ़ा।
👀 रेस्क्यू के बाद रास्ते में दिखा सियार
इस रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करने के बाद जब जितेंद्र सारथी मानिकपुर थाना, SECL GM कार्यालय होते हुए रविशंकर नगर की ओर से वापस लौट रहे थे, तभी उन्हें सड़क किनारे दो सियार दिखाई दिए। दोनों सियार एक नर और एक मादा रात्रि में विचरण करते नजर आए। इस दृश्य को जितेंद्र सारथी ने अपने कैमरे में कैद किया। कुछ देर बाद दोनों सियार झाड़ियों की ओर जा कर ओझल हो गए। संभावना है कि आसपास के क्षेत्र में ही उनका मांद या रहने का स्थान हो।
जितेंद्र सारथी ने बताया कि सियार हमारे पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये प्रकृति में सफाईकर्मी की भूमिका निभाते हैं और मृत जीवों तथा जैविक अवशेषों को हटाने में योगदान देते हैं, सियार मानव आबादी के आसपास के क्षेत्रों में भी दिखाई दे सकते हैं, इसलिए उन्हें देखकर डरने या उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।




