कोरबा। पितृ मोक्षार्थ गया श्राद्धांतर्गत मातनहेलिया परिवार द्वारा जश्न रिसोर्ट कोरबा में आयोजित 8 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ दिव्य मंत्रोच्चार के साथ हवन पूजन संपन्न हुआ और हवन पूजन के साथ कथा भी संपन्न हो गई। विद्वान आचार्यों एवं पंडितों द्वारा श्रीमद् भागवत कथा के मंत्रोच्चार के साथ मातनहेलिया परिवार से हवन पूजन संपन्न कराया।
प्रात: 10 बजे से हवन पूजन प्रारंभ हुआ और घंटों तक कथा स्थल जश्न रिसोर्ट दिव्य मंत्रोच्चार और घंटों की नाद से गूंजता रहा। हवन पूजन के साथ आयोजक परिवार ने हवन कुण्ड के चारों ओर परिक्रमा की और उपस्थित आचार्यों एवं पंडितों ने सभी देवी देवताओं सहित पितरों का आव्हान किया और मोक्ष प्राप्ति की कामना के साथ हवन पूजन संपन्न कराया।
0 15 दिन तक गया, हरिद्वार में श्राद्ध क्रिया करेंगे
8 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा संपन्न होने के बाद मातनहेलिया परिवार 2 सितंबर को गया श्राद्ध के लिए रवाना होंगे। एक सप्ताह तक गया में श्राद्ध क्रिया होगी। इसके पूर्व हरिद्वार की नारायणी शिला पर तर्पण किया जाएगा। इसके अलावा बोधिनी तीर्थ, प्रयागराज एवं वाराणसी में पिंडदान करेंगे। 24 सितंबर को मातनहेलिया परिवार कोरबा वापस आएंगे और 25 सितंबर को जश्न रिसोर्ट में ही विशाल भोग भण्डारे का आयोजन किया जाएगा।
0 25 सितंबर को भोग भण्डारे का आयोजन
जश्न रिसोर्ट में मातनहेलिया परिवार द्वारा पितरों की शांति एवं मोक्ष कामना को लेकर 8 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन पंडित विजय शंकर मेहता के सानिध्य में संपन्न कराया गया। 7 दिन तक कथावाचक एवं प्रसिद्ध जीवन प्रबंधन गुरू पंडित विजय शंकर मेहता ने हजारों लोगों को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराने के साथ जीवन को समृद्ध और खुशहाल बनाने के मार्ग बताये। श्री हनुमान चालीसा पर उपस्थित जनों को मन नियंत्रण के लिए ध्यान भी कराया और कहा कि प्रतिदिन भगवान की मूर्ति के समक्ष ध्यान करने से मन में शांति आती है और क्रोध पर नियंत्रण होने के साथ घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर की कलह मिट जाती है और नई पीढ़ी भी आबाद होती है।