0 मकान मालिक की घोर लापरवाही का शिकार हुआ , लगाए आरोप
कोरबा-हरदीबाजार। ग्राम हरदीबाजार में एक बेहद दर्दनाक और आक्रोशित करने वाला मामला सामने आया है। एक गरीब 22 वर्षीय टाइल्स मिस्त्री युवक अनुज रोहिदास जो कि ग्राम बिटकुला थाना व तहसील सीपत जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ का निवासी है, हरदीबाजार के मकान मालिक की जिद और घोर लापरवाही के कारण करंट की चपेट में आ गया। दूसरी मंजिल पर काम करने के दौरान युवक 33 KV हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से उसका शरीर 40% तक गंभीर रूप से झुलस गया है ।
0 क्या है पूरा मामला?
पीड़ित अनुज रोहिदास ने ग्राम हरदीबाजार स्थित रूद्र प्रिंटर्स एंड रेडियम पॉइंट के दुकान व मकान मालिक भास्कर तिवारी के यहाँ टाइल्स लगाने का काम लिया था। घटना बीते सोमवार 15 जून 2026 की दोपहर लगभग 2 से 2:30 बजे के बीच की है, जब अनुज मकान की दूसरी मंजिल पर टाइल्स लगा रहा था। उसने देखा कि बालकनी के बेहद पास से 33 KV की केवल तार है हाईटेंशन लाइन गुजरी हुई है खतरे को भांपते हुए अनुज ने वहाँ काम करने से साफ मना कर दिया था परंतु मकान मालिक भास्कर तिवारी ने उस पर जबरन दबाव बनाया और कुछ नहीं होगा का झूठा भरोसा देकर उसे काम पर लगा दिया। मालिक के इसी दबाव और लापरवाही के कारण अनुज काम करते वक्त तार की चपेट में आ गया ।
इलाज के बीच में मुकरा मकान मालिक
करंट लगने के तुरंत बाद अनुज को आनन-फानन में हरदीबाजार के रामप्रसाद मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में बदनामी के डर से मकान मालिक भास्कर तिवारी ने इलाज का थोड़ा-बहुत खर्च उठाया लेकिन बाद में वह पीड़ित को बेसहारा छोड़कर मुकर गया। वर्तमान में अनुज के बड़े भाई संदीप रोहिदास तंगी के बावजूद अपने खर्च पर छोटे भाई का इलाज करा रहे हैं और हफ्ते में दो दिन अस्पताल ले जाकर उसकी मरहम-पट्टी करवा रहे हैं ।
पुलिस पर असहयोग का आरोप, अब SP से आस
घटना को 9 दिन बीत चुके हैं लेकिन पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है बड़े भाई संदीप रोहिदास जब मामले की शिकायत लेकर हरदीबाजार थाने पहुँचे लेकिन वहां की पुलिस की ओर से उन्हें कोई सहयोग व मदद नहीं मिला और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया स्थानीय पुलिस के इस उदासीन रवैये से तंग आकर अब पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर जिले के पुलिस कप्तान (SP) की चौखट पर जाने की तैयारी कर रहा है ।
पीड़ित परिवार की मांगें
पीड़ित के बड़े भाई संदीप रोहिदास ने कहना है कि लापरवाही बरतने वाले मकान मालिक भास्कर तिवारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और एफआईआर (FIR) दर्ज हो पीड़ित युवक के इलाज का पूरा खर्च मकान मालिक से दिलाया जाए 40% शरीर झुलसने और भविष्य में दिव्यांगता की आशंका को देखते हुए बिजली विभाग और शासन-प्रशासन उचित मुआवजे का प्रबंध करे । संदीप ने बताया कि मेरे भाई ने खतरे को देखते हुए काम करने से मना किया था लेकिन भास्कर तिवारी ने जबरदस्ती उसे काम पर लगाया खर्चे के अभाव में उसका इलाज ठीक से करवा नहीं पा रहा हूं मकान मालिक हाथ खींच चुका है हरदीबाजार पुलिस ने हमारी कोई मदद नहीं की इसलिए अब हम न्याय के लिए सीधे जिला पुलिस कप्तान (SP) साहब के पास जा रहे हैं।








