👉🏻 राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना में 3 पर जुर्म दर्ज
रायपुर। पुलिस अधिकारी और उनके अधीनस्थ ठगी जैसे मामलों में आर्थिक अपराध की चपेट में आने से बचने के लिए आम लोगों को जागरुक करते हैं और जागरूकता का पाठ पढ़ाते हैं, उसी महकमे के एक डीएसपी रुपए दोगुना कराने के लालच में आकर 5 लाख रुपये गंवा बैठे।
एफआईआर के अनुसार, विजेता कॉम्प्लेक्स, न्यू राजेंद्र नगर निवासी एवं वर्तमान में पुलिस मुख्यालय रायपुर में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक पुनदास अंचल ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी पहचान पिछले करीब दो वर्षों से नरेश दामोहे से थी। नरेश स्वयं को पेशे से वकील बताते हुए फाइनेंस का काम करने का दावा करता था। इसी दौरान डीएसपी को कुछ फाइनेंस संबंधी कार्य था, जिसके चलते दोनों के बीच संपर्क बना रहा।
शिकायत के मुताबिक 25 जून 2026 को नरेश दामोहे ने फोन कर पहले कमल विहार स्थित श्री वेंकट हॉस्पिटल के सामने बुलाया और कहा कि उनके 5 लाख रुपये दोगुना कर बैंक खाते में जमा करा देगा। डीएसपी निर्धारित स्थान पर नगद 5 लाख रुपये लेकर पहुंचे, लेकिन वहां नरेश ने अपने लोगों के नहीं आने की बात कहकर उन्हें प्रोग्रेसिव प्वाइंट, अभनपुर रोड बुला लिया। वहां भी काम नहीं होने की बात कहते हुए रात 9 बजे दूसरी जगह बुलाने का आश्वासन दिया।
रात करीब 9:06 बजे नरेश ने उन्हें नेताजी चौक, कटोरा तालाब बुलाया, जहां वह दो अन्य साथियों के साथ पहले से मौजूद था। तीनों डीएसपी की कार में बैठकर इलेवन गार्डन पहुंचे। वहां नरेश का एक साथी कुछ लोगों को बुलाने गया और थोड़ी देर बाद तीन अन्य लोग पहुंचे, जिनके बीच विवाद शुरू हो गया। स्थिति को देखकर डीएसपी घबरा गए और कार में सूटकेस रखा होने की बात कहकर बाहर निकल गए।
एफआईआर के अनुसार, कार में चाबी, मोबाइल फोन, बैंक संबंधी दस्तावेज और सूटकेस में 500-500 रुपये के नोटों के कुल 5 लाख रुपये रखे थे। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटे तो कार इलेवन गार्डन की पार्किंग में खड़ी मिली। कार के अंदर मोबाइल और दस्तावेज सुरक्षित थे, लेकिन सूटकेस खोलने पर उसमें रखी 5 लाख रुपये की पूरी नकदी गायब थी। आरोप है कि नरेश दामोहे और उसके साथियों ने अमानत में खयानत करते हुए रकम हड़प ली।
डीएसपी की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने नरेश दामोहे एवं उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना ने इस बात पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आर्थिक ठगी से लोगों को सावधान रहने की सीख देने वाले पुलिस अधिकारी स्वयं भी ऐसे लालच का शिकार हो सकते हैं…!






