👉🏻 ट्रेलर से डीजल निकालते रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी, दूसरे में सीआईएसएफ ने गश्त के दौरान डोजर से डीजल चोरी करते दो लोगों को दबोचा, बड़े गिरोह पर फिर उठे सवाल
कोरबा। एसईसीएल की गेवरा एवं आसपास की कोयला खदानों में डीजल चोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस ने हाल के दिनों में डीजल चोरी के बड़े गिरोह के दो प्रमुख सरगनाओं को साथियों सहित जेल भेजकर इस अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने का दावा किया था, लेकिन इसके बावजूद खदान क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मात्र दो दिनों के भीतर दीपका थाना क्षेत्र में डीजल चोरी के दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज होने से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि गिरोह के अन्य सदस्य अब भी सक्रिय हैं और भारी वाहनों के साथ-साथ एसईसीएल की मशीनों को लगातार निशाना बना रहे हैं।
👉🏻ट्रेलर से 60 लीटर डीजल निकालते रंगे हाथ पकड़ाए
पहला मामला 26 जून की रात का है। एएसआर ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक सुभाष जायसवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका ट्रेलर क्रमांक CG-10-R-1908 गेवरा खदान के 7 नंबर बैरियर के सामने पार्किंग में खड़ा था। रात करीब 11.30 बजे वहां मौजूद मुंशी रमेश कुमार, अंजनी कुमार और ललित टेकाम बिल्टी बनाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान ट्रेलर क्रमांक CG-12-AV-6583 का चालक अपने वाहन को पास में खड़ा कर चालक डिब्बा और प्लास्टिक पाइप लेकर उतरा तथा अपने साथी के साथ ट्रेलर से डीजल निकालने लगा।
मुंशी रमेश ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपियों के कब्जे से 35-35 लीटर क्षमता के दो प्लास्टिक के डिब्बों में भरा करीब 60 लीटर डीजल, जिसकी कीमत 6120 रुपये, तथा एक प्लास्टिक पाइप बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम भीम सिंह और महेश मिरी निवासी सराईताल बताए। थाना ले जाते समय महेश मिरी मौके से भाग निकला, जबकि भीम सिंह को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 3(5) एवं 303(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।
👉🏻सीआईएसएफ ने डोजर से डीजल चोरी करते दो लोगों को दबोचा
दूसरा मामला 28-29 जून की दरम्यानी रात का है। एसईसीएल गेवरा परियोजना के सुरक्षा प्रभारी धनाराम सूर्यवंशी ने दीपका थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सीआईएसएफ की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गणेश डंपिंग एरिया में नियमित गश्त कर रही थी। रात करीब 10.15 बजे टीम ने देखा कि एक डीजी लाइट लगी गाड़ी डोजर नंबर 911 के बेहद पास बिना लाइट के खड़ी थी। जैसे ही जवान मौके पर पहुंचे, वाहन चालक बिना हेडलाइट जलाए तेज गति से भाग निकला। जांच के दौरान डोजर पर एक बिना शर्ट का व्यक्ति मिला, जबकि पीछे खड़ा दूसरा व्यक्ति भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे जवानों ने पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने नाम कमल सिंह निवासी दीपका और ओम प्रकाश निवासी पाली रोड बताए। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से लगभग 60 लीटर डीजल बरामद हुआ। सीआईएसएफ ने दोनों को पकड़कर एसईसीएल प्रबंधन के माध्यम से दीपका पुलिस को सौंप दिया। इस मामले में भी पुलिस ने धारा 3(5) एवं 303(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।
👉🏻गिरोह पर कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रहीं वारदातें
खदान क्षेत्र में डीजल चोरी कोई नई बात नहीं है। लंबे समय से भारी वाहनों, ट्रेलरों, हाइवा और एसईसीएल की मशीनों से डीजल चोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में पुलिस ने डीजल चोरी के बड़े नेटवर्क से जुड़े दो प्रमुख सरगनाओं और उनके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बावजूद लगातार नए मामले सामने आना इस ओर इशारा कर रहा है कि गिरोह के अन्य सदस्य अब भी सक्रिय हैं और वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
👉🏻वाहन मालिकों के साथ एसईसीएल को भी बड़ा नुकसान
डीजल चोरी से एक ओर निजी ट्रांसपोर्टरों और भारी वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर एसईसीएल की मशीनों से डीजल चोरी होने से सार्वजनिक उपक्रम को भी चपत लग रही है। हालांकि हालिया दोनों मामलों में सुरक्षा कर्मचारियों और सीआईएसएफ की सतर्कता से आरोपियों को पकड़ लिया गया, लेकिन क्षेत्र में सक्रिय ऐसे कई गिरोह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। ऐसे में लगातार निगरानी और व्यापक अभियान की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि खदान क्षेत्रों में डीजल चोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।






