0 कोरबा-हाटी मार्ग पर सांस थामे ग्रामीण,यात्री देखते रहे रेस्क्यूअर अविनाश और किंग कोबरा की गतिविधियां
कोरबा। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु एवं सरीसृप आसपास के घरों तथा जंगलों से निकलते हुए दिखाई देना सामान्य बात है। कोरबा वन मंडल अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए पूरे भारतवर्ष में विख्यात है। इसी क्रम में आज कोरबा वन मंडल के वन परिक्षेत्र पसरखेत अंतर्गत कोरबा–हाटी मुख्य मार्ग के किनारे बहने वाले नाले के समीप स्थित झाड़ियों के पास एक विशालकाय किंग कोबरा सड़क पार करता हुआ दिखाई दिया। उसे देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और इस मार्ग से आवागमन कुछ समय के लिए थम सा गया।
घटना की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे घटनाक्रम से वनमंडल अधिकारी कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव को अवगत कराया। उनके निर्देशानुसार उपवन मंडलाधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। चूंकि किंग कोबरा मुख्य मार्ग के किनारे था, इसलिए उसके घायल होने तथा लोगों को किसी प्रकार की हानि पहुँचने की आशंका बनी हुई थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने सर्प एवं अन्य सरीसृप प्रजातियों के संरक्षण हेतु कार्यरत संस्था RCRS (Reptile Care and Rescuer Society) के अविनाश यादव से संपर्क किया। सूचना मिलते ही अविनाश यादव अपनी टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। वहाँ वन विभाग का अमला पहले से ही पूरी तत्परता के साथ मौजूद था।
सभी निर्धारित SOP का पालन करते हुए लगभग 50 मीटर की दूरी तक सुरक्षा घेरा बनाया गया तथा भीड़ को नियंत्रित कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया। भारी वर्षा के बीच लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किंग कोबरा का सफलतापूर्वक एवं सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। इसके पश्चात उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और स्वस्थ पाए जाने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास के समीप सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।
विभागीय अधिकारियों और संरक्षण के प्रति समर्पित संस्था के द्वारा ग्रामीण जनों को इस प्रजाति के सांपों को नहीं मारने और उसके दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचित किए जाने हेतु अपील किया गया, साथ ही ग्रामीणों को समझाइश भी दी गई कि किसी भी प्रकार के जहरीले जीव जंतु इत्यादि के निकलने पर विभाग को तत्काल सूचना दी जाए ताकि उनका सुरक्षित रेस्क्यू के किया जा सकें और जनता की जान भी बचाई जा सकें और होने वाली हानि से उनको बचाया जा सकें, जिस पर आस-पास उपस्थित समस्त ग्रामीण जनों और वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने अपनी सहमति जताई, साथ ही ग्रामीण जनों ने यह भी शपथ लिया कि इस प्रजाति के सांप देखे जाने पर तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी जाएगी और इनके संरक्षण में वे वन विभाग का कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने को तत्पर है
पूरी कार्रवाई के दौरान वन विभाग के परिक्षेत्राधिकारी देवदत्त खांडे, अशोक कुमार यादव, सरोता बंजारे (वनरक्षक), हरिनारायण बंजारे (वनरक्षक) सहित अन्य सुरक्षा कर्मी चनेश राठिया, दीपक महंत, पदुमलाल राठिया, सूरज, खगेश राठिया, अजय, सत्येन्द्र, अतुल, उमेश तथा संजू यादव उपस्थित रहे।







