👉🏻अस्पताल, हॉस्टल, आंगनवाड़ी,पटवारी भवन ढहाए जाने से ग्रामीणों की उम्मीदें टूटीं
कोरबा-हरदीबाजार । SECL के दीपका क्षेत्र द्वारा प्रशासन, पुलिस बल और CISF की मौजूदगी में शुक्रवार सुबह 5 बजे हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (अस्पताल) एवं हॉस्टल भवन सहित पटवारी कार्यालय व आंगनवाड़ी केंद्र भवन को जबरन ढहाए जाने की कार्रवाई से क्षेत्र में भारी आक्रोश और तनाव व्याप्त है। प्रशासनिक तंत्र के बल पर की गई इस कार्रवाई से अपनी वाजिब मांगों के निराकरण का इंतजार कर रहे स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की उम्मीदें पूरी तरह टूट गई हैं ।
ग्रामीणों का आरोप है कि SECL और प्रशासन की प्राथमिकता केवल खदान विस्तार और कोयला उत्खनन तक सीमित है जबकि प्रभावितों के मौलिक अधिकारों और समस्याओं की निरंतर अनदेखी की जा रही है ।
👉🏻प्रशासनिक अनदेखी पर उठे गंभीर सवाल
ग्रामीणों ने व्यथित होकर कहा कि जब-जब दीपका प्रबंधन को जरूरत होती है जिला प्रशासन पुलिस बल लगाकर बलपूर्वक काम करवा लेता है पूर्व में नापी और सर्वे के दौरान भी गांव को छावनी में तब्दील कर कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया गया था लेकिन जब किसानों के मुआवजे रोजगार बसाहट और जल संकट के स्थायी समाधान की बात आती है तो प्रशासन अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ लेता है। ग्रामीण और प्रभावित किसान अपनी फरियाद लेकर कलेक्टर, एसडीएम कार्यालय से लेकर SECL बिलासपुर मुख्यालय (CMD) तक के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं परंतु कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है ।
👉🏻पंचायत प्रतिनिधियों का स्पष्ट रुख
हरदीबाजार ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि देश हित में कोयला और ऊर्जा आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है तथा इसके लिए भूमि का अधिग्रहण भी जरूरी है लेकिन स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के सीने पर चढ़कर और उनके भविष्य को रौंदकर किया जाने वाला विकास किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है ।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक मुआवजा विसंगति का समाधान पात्र भू-स्वामियों को रोजगार व्यवस्थित बसाहट और पेयजल का स्थायी प्रबंध नहीं किया जाता तब तक SECL और प्रशासन की इस एकतरफा व दमनकारी नीति का विरोध जारी रहेगा।
👉🏻 विधायक की अगुवाई में तालाबन्दी
एसईसीएल दीपका क्षेत्र द्वारा भूमि अधिग्रहण से प्रभावित और अधिग्रहित ग्राम हरदीबाजार के ग्रामीणों में अपनी उचित मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाने से भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रबंधन के इस उदासीन रवैये के विरोध में, क्षेत्रीय विधायक (कटघोरा विधानसभा) के प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व एवं सहयोग से ग्राम पंचायत हरदीबाजार एवं समस्त प्रभावित ग्रामीणों द्वारा 19 सितम्बर को सुबह 9 बजे सी.जी.एम. कार्यालय दीपका के मुख्य गेट की अनिश्चितकालीन तालाबंदी एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा। पंचायत द्वारा कहा गया है कि आंदोलन के दौरान यदि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी एसईसीएल दीपका प्रबंधन की होगी।
👉🏻ग्रामीणों द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे एवं समस्याएं
01. मुआवजा और रोजगार में विसंगति:- भू-स्वामियों को तय नीति के अनुसार मुआवजा और रोजगार उपलब्ध कराने में भारी अनियमितता बरती जा रही है पात्र युवाओं को वैकल्पिक रोजगार न देकर भटकने पर मजबूर किया जा रहा है ।
- पुनर्वास (बसाहट) स्थल की दयनीय स्थिति:- SECL द्वारा बसाहट के लिए प्रस्तावित स्थलों पर निर्माण व विकास कार्य अत्यंत निराशाजनक और अधूरे पड़े हैं जिससे ग्रामीणों के पुनर्वास पर संकट खड़ा हो गया है ।
- जल संकट और प्रदूषण की गंभीर समस्या:- दीपका खदान की दूरी हरदीबाजार से महज 25 मीटर रह गई है खदान विस्तार से भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है ठंड का मौसम खत्म होने से पहले ही कुएं बोरवेल और हैंडपंप सूख जाते हैं लोगों को 2-3 दिनों तक नहाने और भोजन पकाने तक के लिए पानी नसीब नहीं होता SECL द्वारा जलापूर्ति के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये के टेंडर निकालकर केवल खानापूर्ति की जा रही है ।
- हैवी ब्लास्टिंग व सुरक्षा का खतरा:- खदान के अत्यधिक निकट होने के कारण हैवी ब्लास्टिंग से मकानों को क्षति पहुंच रही है और पर्यावरण व स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं ।




