👉🏻जितेंद्र सारथी व टीम ने किया सफल रेस्क्यू
कोरबा। जिले में सांपों से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं में वन्यजीव रेस्क्यू टीम ने समय पर पहुंचकर सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
पहली घटना सप्तदेव मंदिर परिसर की है, जहां करीब 5 फीट लंबा सांप मंदिर प्रांगण में घुसकर बैठ गया था। मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा हुआ था, जिससे किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर पुजारियों और भक्तों में डर का माहौल बन गया।
सांप दिखाई देने की सूचना तत्काल वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी गई। सूचना मिलते ही सारथी मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू कर राहत प्रदान की।

दूसरी घटना शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर सतरेंगा रोड स्थित ग्राम माखुरपानी के शासकीय विद्यालय की है। यहां बच्चे नियमित रूप से कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे, कि तभी अचानक स्कूल परिसर में एक Bronze Back Tree Snake सामान्य भाषा में (डारडोमी) प्रजाति का रंग बदलने वाला सांप दिखाई दिया। सांप को देखकर स्कूल में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शिक्षकों द्वारा इसकी जानकारी वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी गई।
सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी ने अपनी टीम के सदस्य कमलेश एवं देवेंद्र को मौके पर भेजा। टीम ने सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू किया और बाद में उसे उसके उपयुक्त प्राकृतिक रहवास जंगल क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया। इसके बाद विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से शुरू हो सकी।
👉🏻जागरुकता में आया बड़ा बदलाव
ग्राम माखुरपानी बीहड़ जंगल क्षेत्र से लगा हुआ गांव है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ वर्ष पहले तक गांव में सांप दिखाई देने पर अक्सर उन्हें मार दिया जाता था, लेकिन अब वन्यजीवों के प्रति लोगों की सोच में बदलाव देखने को मिल रहा है। सांप दिखाई देने पर उसे मारने की बजाय रेस्क्यू टीम को सूचना देना इस बात का संकेत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षित रेस्क्यू को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
जितेंद्र सारथी ने लोगों से अपील की कि घर, मंदिर, स्कूल या किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें,सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए प्रशिक्षित एवं अधिकृत रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। मानव सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों का संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।




