🫵🏻बहुत कुछ कहती ये दो तस्वीरें, कभी गोद में खेलाया-अब कंधे पर हाथ
रायपुर। राजधानी रायपुर में कांग्रेस के कुनबे से विगत दिनों निकल कर आई दो तस्वीरों ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में युवा तान छेड़ दी है। छत्तीसगढ़ की भावी राजनीति में यक नए समीकरण का पदार्पण को लेकर अटकलें फिर तेज हो गई हैं कि क्या यह “सूरज के उदय” का संकेत है…! हालांकि अभी यह सिर्फ अटकलों में है,हकीकत बयां होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह विगत दिनों नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के रायपुर स्थित निवास पहुंचे। यह मुलाकात औपचारिक कम और आत्मीय थी।
डॉ. महंत निवास पर माहौल किसी राजनीतिक रणनीति बैठक से ज्यादा परिवारों के मिलन जैसा रहा। अविभाजित मध्यप्रदेश के दौर की राजनीतिक स्मृतियां उपस्थित जानकारों के बीच ताजा हुईं।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस में नई जान फूंकने की कवायदों के बीच संगठनात्मक रिश्तों के धागे में हर कोई बंधा नजर आया।
इस मुलाकात की सबसे चर्चित तस्वीर रही निकलकर सामने आई,वो डॉ. चरणदास महन्त के पुत्र सूरज महंत और दिग्विजय सिंह की।
सूरज से मुलाकात के दौरान बचपन की याद ताजा हो गई जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे और डॉ. महंत उनके मंत्रिमंडल में गृह मंत्री, तब नन्हे सूरज को दिग्विजय सिंह गोद में खेलाया करते थे। अब वही सूरज आत्मविश्वास से लबरेज युवा के रूप में सामने हैं। दिग्विजय सिंह ने सूरज को अपने पास बैठाया और कंधे पर हाथ रखकर देर तक चर्चा की।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह केवल आत्मीय क्षण नहीं, बल्कि एक संभावित पीढ़ी परिवर्तन का प्रतीक भी हो सकता है।
🫵🏻 क्या सक्रिय राजनीति में एंट्री तय?
सियासी गलियारों में चर्चा है कि महंत परिवार की तीसरी पीढ़ी सूरज महंत निकट भविष्य में सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। कोरबा या सक्ती जैसे पारिवारिक प्रभाव वाले क्षेत्रों से संभावित शुरुआत की अटकलें हैं।
हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे ‘सीखने का दौर’ बताया जा रहा है, लेकिन दिग्विजय सिंह के साथ यह सार्वजनिक संवाद राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई पीढ़ी के उभार की चर्चा तेज है। ऐसे में यह तस्वीर केवल एक मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले समय का संकेत भी हो सकती है। अब नजर इस बात पर है कि ‘सूरज’ का राजनीतिक उदय कब और किस मंच से होता है।
🫵🏻 नई विधानसभा से शुरुआत की चर्चा
आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान सीटों की संख्या परिसीमन के बाद बढ़ने वाली हैं।कोरबा जिले में भी मौजूदा 4 विधानसभा क्षेत्र से बढ़कर यह संख्या 5 से 6 हो सकती है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक कोरबा विधानसभा और पाली-तानाखार विधानसभा को दो भागों में नई विधानसभा के रूप में लाने की तैयारी है। कोरबा ग्रामीण और पाली अलग विधानसभा हो सकते हैं जिनके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कोरबा,रामपुर और कटघोरा विधानसभा के कुछ क्षेत्रों को मिलाकर कोरबा ग्रामीण विधानसभा का गठन होना है। कांग्रेसियों के बीच से चर्चा इस बात की है कि कोरबा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से सूरज महंत को नए नेतृत्व के रूप में सामने लाया जा सकता है। जमीनी तैयारी भी इसके लिए शुरू कर दी गई है हालांकि डॉ. महंत के परिवार से अभी तक इस विषय पर इस तरह से कोई भी चर्चा अथवा बात निकलकर सामने नहीं आई है लेकिन माना जा रहा है कि अगर भविष्य में राजनीतिक हालात बदले तो कोरबा जिले की नई विधानसभा सूरज महन्त के लिए सेफ जोन होगी। (साभार)




