0 निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को पीछे छोड़ रहे पार्टी पदाधिकारी,अधिकारियों ने नहीं रखा ध्यान
कोरबा। पूरे छत्तीसगढ़ में 28 फ़रवरी का दिन छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़े ही उत्साह का दिन था क्योंकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बिलासपुर के बिल्हा में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत कार्यक्रम में उपस्थित होकर राज्य के 28.24 लाख किसानों के खाते में धान खरीदी के अंतर की राशि 10324.84 करोड़ रुपये का ऑनलाइन हस्तांतरण किया गया। इसी तारतम्य में करतला विकासखण्ड में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में करतला जनपद अध्यक्ष श्रीमती अशोका विश्राम कँवर उपस्थित हुईं , कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच श्रीमती फूलबाई राठिया द्वारा किया गया विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा जनपद पंचायत करतला की सदस्य श्रीमती नीता यादव, वेद चंद्राकर, श्रीमती निरुपमा पाटले, जगदीश चौहान,आकाश सक्सेना पूर्व जिला उपाध्यक्ष भाजपा , ओमप्रकाश साहू बरपाली मंडल अध्यक्ष भाजपा, भुवन कँवर उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित किसान बुधवार सिंह पिता समारसिंह, पुनाउराम पिता मुल्लूराम देवांगन, संतोष कुमार पिता घनश्याम कँवर, गुरुवार सिंह पिता झुक , भीमसिंह पिता बाबूलाल कँवर इन किसानों को योजनांतर्गत आदान सहायता राशि का वितरण किया गया तथा रामायण सिंह पिता गजराज, लोहरी सिंह पिता रोहित सिंह, पतंग सिंह पिता कलश राम इन कृषकों को केसीसी चेक वितरण किया गया ।
करतला जनपद सीईओ व समस्त स्टाफ मिलकर नहीं चला पाए प्रोजेक्टर पर कृषक उन्नति कार्यक्रम
ऑफिशियल वेबसाईट का लिंक नहीं चला पाए जनपद कर्मचारी

यह कार्यक्रम भले ही 3 दिन पूर्व् का है किंतु कई विसंगतियां देखने को मिली जिसकी चर्चा जारी है। मुख्य विसंगति तो यह थी कि पूरे जनपद व कृषि विभाग के स्टाफ मिलकर भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को प्रोजेक्टर में प्रसारित नहीं कर पाए। क्षेत्र से आये हुए किसान मुख्यमंत्री के कृषक उन्नति कार्यक्रम द्वारा उनके खाते में अंतर की राशि का ऑनलाइन हस्तांतरण नहीं देख पाए न ही मुख्यमंत्री का उद्बोधन सुन पाए। दूसरी विसंगति यह कि तय समय से पहले ही कार्यक्रम का समापन हो गया तथा कार्यक्रम की रुपरेखा में प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर पाए जहाँ जनपद सदस्य व सामिति सभापति पीछे की पंक्ति में बैठे नजर आए और भाजपा पार्टी के पदाधिकारी सामने की पंक्ति में बैठे हुए थे जिससे जनप्रतिनिधियों में रोष की संभावना बनी।

विभागों द्वारा इतने बड़े कार्यक्रम में इस तरह की अनियमितता करना समझ से परे है ऐसा लगता है कि जनपद के अधिकारी कर्मचारी मनमानी पर उतर आए हैं और शासन के निर्देशों की अवहेलना करना उनके लिए आम बात हो गयी है।








