0 एसईसीएल भविष्य के कोयला प्रेषण को ध्यान में अपनी रेल कोरिडोर परियोजनाओं के माध्यम से रेल लॉजिस्टिक्स के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है
बिलासपुर। एसईसीएल में 79वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वसंत विहार खेल मैदान एसईसीएल बिलासपुर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर, परेड की सलामी ली।
इस अवसर पर अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ने परेड कमांडर व्ही. दक्षिणामूर्ति एवम वरिष्ठ सुरक्षा निरीक्षक श्री डी.पी दिवाकर के नेतृत्व में आयोजित मुख्य परेड का निरीक्षण किया, परेड निरीक्षण के समय मुख्य अतिथि के साथ एसईसीएल सुरक्षा प्रमुख ले. कर्नल अशोक कुमार उपस्थित रहे।
परेड में एसईसीएल सुरक्षा विभाग के दो प्लाटून का नेतृत्व चमरु एवम प्रकाश द्विवेदी ने किया। डीएवी स्कूल से प्लाटून क्रमांक 3 का नेतृत्व लांस कार्पोरल आरुष यादव, प्लाटून क्रमांक 4 लांस कार्पोरल प्रियांशी यादव, प्लाटून क्रमांक 5 का नेतृत्व सार्जेंट अर्णिमा तिवारी एवं प्लाटून क्रमांक 6 का नेतृत्व सार्जेंट विक्रांत कश्यप ने किया। परेड में बैंड प्लाटून का नेतृत्व सूबेदार मेजर बेनी प्रसाद ने किया। इस अवसर पर अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ने मुख्य परेड का निरीक्षण किया।
अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने अपने सन्देश में कहा कि एसईसीएल राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। SECL का नाम अब केवल देश में ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थापित हो चुका है। हमारी गेवरा खदान एशिया की सबसे बड़ी और वर्ल्ड की दूसरी सबसे बड़ी खदान है, जो हमारे तकनीकी प्रगति, कार्यक्षमता, संगठन क्षमता और टीम भावना का प्रमाण है। आज हम न केवल उत्पादन में अग्रणी हैं, बल्कि ‘Sustainable Mining’ की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। भारत की पहली कोल पीएसयू के रूप में, SECL ने ‘Paste Fill Mining Technology’ को अपनाने का करार किया है। कोयला मंत्रालय एवं कोल इंडिया के यूजी विज़न के अनुरूप एसईसीएल अंडरग्राउंड उत्पादन को प्राथमिकता देते हुए अपनी खदानों में ‘Mass Production Technology’ को बढ़ावा दे रहा है।
एसईसीएल भविष्य के कोयला प्रेषण को ध्यान में अपनी रेल कोरिडोर परियोजनाओं के माध्यम से रेल लॉजिस्टिक्स के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। ‘Sustainable Development’ हमारे कार्यसंचालन का प्रमुख आधार है। अपनी स्थापना से अब तक एसईसीएल ने 3 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर कोयलांचल के हरित विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एसईसीएल ने जापानी मियावाकी पद्धति पर आधारित विशेष वृक्षारोपण परियोजनाएँ भी शुरू की हैं। गेवरा और रायगढ़ क्षेत्रों में इन तकनीक से कम समय में घने जंगल विकसित किए जा रहे हैं। SECL ग्रीन एनर्जी की दिशा में भी गंभीर और ठोस प्रयास कर रहा है। अब तक 40 मेगावाट से अधिक की सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। हमने वर्ष 2030 तक 700 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य तय किया है, जिससे हम नेट पाज़िटिव एनर्जी कंपनी बन सके। वित्तीय वर्ष 2024-25 में SECL ने पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक — 807 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया हैं।
वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी जुलाई 2025 तक 222 लोगों को रोजगार दिया जा चुका है, और यह प्रक्रिया सतत रूप से जारी है। हमारी सीएसआर योजना ‘SECL की धड़कन’ कोयलांचल के जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित मासूम बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस पहल के अंतर्गत अब तक छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के सुदूर अंचलों से 139 से अधिक बच्चों की सफलतापूर्वक सर्जरी की जा चुकी है। ‘SECL के सुश्रुत’ योजना के अंतर्गत कोयलांचल के गरीब, होनहार बच्चों को NEET की निशुल्क आवासीय कोचिंग दी जा रही है। इस साल भी, इन बच्चों की मेहनत रंग लाई है और एसईसीएल से मिले सहयोग से 40 में से 31 बच्चों ने NEET परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार कर रहें है।
एसईसीएल महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने और उनके सशक्तिकरण के लिए पूर्णतः संकल्पित है। हमारी महिला इंजीनियर आज अंडरग्राउंड माइंस में कार्यरत हैं और रेस्क्यू टीम में साहसिक भूमिका निभा रही हैं। हाल में हमने कोल इंडिया की पहली पूर्णतः महिला-संचालित डिस्पेन्सरी और कंडीशन बेस्ड मॉनिटरिंग लैब की शुरुआत की है।
इसके पूर्व एसईसीएल प्रशासनिक भवन प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागाध्यक्ष, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति में निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने मुख्यालय प्रशासनिक भवन स्थित शहीद स्मारक व बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा व खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण किए उपरांत ध्वजारोहण किए एवं सुरक्षा प्रहरियों की टुकड़ी द्वारा आयोजित परेड की सलामी ली।
वसंत विहार खेल मैदान के मुख्य समारोह में मुख्य रूप से निदेशक तकनीकी (संचालन सह योजना/परियोजना) श्री एन फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, निदेशक (वित्त) श्री डी सुनील कुमार, सीवीओ श्री हिमांशु जैन, सीएमडी श्री हरीश दुहन की माताश्री श्रीमती यशवंती दुहन, श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन, उपाध्यक्षागण श्रीमती अनीता फ्रैंकलिन, श्रीमती इप्सिता दास, श्रीमती हसीना कुमार, श्रीमती विनीता जैन, विभिन्न विभागाध्यक्ष, श्रमसंध प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, एवं स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
समारोह में अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से कबूतर एवं गुब्बारे आकाश में छोड़कर शांति का संदेश दिया।
समारोह में डीएव्ही पब्लिक स्कूल, लोयला स्कूल, होली नर्सरी स्कूल, ड्रीमलैंड एवं कृष्णा पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा विविध देशभक्ति गीत-नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गयी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के करकमलों से उत्कृष्ठ कवायद दल, सर्वोत्कृष्ठ कवायद दल एवं उत्तम पोशाक के लिए परेड में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
0 एसईसीएल कर्मियों व बच्चों को पुरस्कृत किया गया
इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एसईसीएल कर्मियों व् उनके बच्चों को पुरस्कृत किया गया जिसमें अमित खरे, प्रबन्धक (वित्त), मनोज कुमार नायर, (ओएस – ए1), हितेश चावडा, प्रबन्धक (एचआर/पी) को विशेष योगदान पुरस्कार, हरीश नायर, वरिष्ठ प्रबन्धक (एचआर), विवेक कुमार गुप्ता, प्रबन्धक (एम एंड एस), सुधांशु शेखर, उप-प्रबन्धक (एचआर/एमपी), मीता चटर्जी, सहायक प्रबन्धक (एचआर/एमपी), एस वेंकट रेड्डी, उप-प्रबन्धक (ई एंड एम), ख्याति नेताम, सहायक प्रबन्धक (सिस्टम) को नवाचार के लिए विशेष पुरस्कार, मयूख पाल पुत्र मिथुन पाल (कैट -1), ईशिता पुत्री अनिल दुबे (चीफ स्टोर कीपर), अंशिका साहू पुत्री संजय साहू (वरि. डीईओ), नायशा पुत्री कांतानाथ (वाहन चालक), कुशांक पुत्र कांतानाथ (वाहन चालक), निमृत पात्रा पुत्री नन्द किशोर पात्रा उप-प्रबन्धक (वित्त), आरव प्रताप मल्ल एवं आद्वीक प्रताप मल्ल पुत्र पीयूष प्रताप मल्ल, उप-प्रबन्धक (सीएसआर), रायन पीआर पुत्र रॉबिंसन संतोष (क्लर्क), रोमी पीआर पुत्री रॉबिंसन संतोष, हर्षिता कर्ष पुत्री रॉबिंसन संतोष, डी जननी पुत्री ले. कमांडर वी दक्षिणामूर्ती, उप-प्रबन्धक (सुरक्षा), कौशुमी यदलापल्ली पुत्री मनोज यदलापल्ली, प्रबन्धक (वित्त) को खेल एवं सांकृतिक क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया।
आईआईटी/आईआईएम/एनआईटी/मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए ऋषभ देव मिश्रा पुत्र श्री अजीत कुमार मिश्रा, वरिष्ठ प्रबन्धक (माईनिंग) एवं कौस्तुभ दुबे पुत्र शिव शरण दुबे, वरिष्ठ प्रबन्धक (माईनिंग) को पुरस्कृत किया गया। श्रीमती मिताली तिवारी, वरिष्ठ प्रबन्धक (ई एंड एम) को नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित किया गया।
समारोह में उद्घोषणा का दायित्व शेख जाकिर हुसैन मुख्य प्रबंधक (पर्यावरण) एवं सुरक्षा निरीक्षक एम.पी. जांगड़े ने निभाया।