कोरबा,कोरबी-चोटिया। बालको प्रबंधन के द्वारा पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के ग्राम चोटिया में प्रारम्भ की गई कोयला खदान जो बंद कर दी गई है, उसे फिर से प्रारम्भ करने की मांग उठी है। इस सम्बन्ध में बैठक आहूत कर ग्रामवासियो ने कई निर्णय लेते हुए कलेक्टर को आवेदन देने का फैसला किया है।
वर्ष 2015 में बालको चोटिया के द्वारा चोटिया-1 और – 2 खदान प्रारम्भ की गई थी जिसे 7 महीना चलाया गया। वर्ष 2018 में चालू कर कोरोना काल में 2020-2021 में बंद कर दिया गया। इसके बाद चोटिया-2 में जन सुनवाई कराया गया व 2035 तक कार्य चालू कराने का आदेश व आश्वासन दिया गया जिस पर पुनः सितम्बर 2022 में चालू कर अगस्त 2024 तक चलाया गया और फिर बिना जानकारी बंद कर दिया गया। ग्रामवासियो ने कहा कि ग्राम पंचायत की सहमति के बिना ही कार्य बंद कर दिया गया जिस पर हमें प्रबंधन से जानकारी चाहिए।
यह भी कहा कि पंचायत पोड़ीखुर्द में किसी भी व्यक्ति को रोजगार नहीं दिया गया। किसानो के खेत में डाली गई राख को भी हटवाया जाना चाहिए। कोल माइंस प्रभावित एरिया में मूलभूत सुविधाएँ प्रारम्भ की जाय। अस्पताल, चिकित्सा की समस्या है। ग्राम पंचायत चोटिया के सामुदायिक भवन में शनिवार को हुई बैठक में प्रभावित पंचायतों के समस्त जनप्रतिनिधियों की ग्रामसभा में कोल माइंस चोटिया को फिर से चालू करने की मांग रखी गई। बताया गया कि समस्त प्रभावित ग्राम चोटिया, परला, घुंचापुर, लाद, पोड़ीखुर्द, रोदे, बनिया, लमना में पेयजल की समस्या है।
इस बैठक में मुख्य रूप से सरपंच चोटिया प्रतिनिधी राय सिंह बिंझवार, घुचापुर सरपंच प्रतिनिधि शनिचराम सिंह, परला सरपंच जवाहर सिंह, रोदे सरपंच प्रतिनिधि हार सिंह बिंझवार, ग्राम पंचायत लाद के सरपंच लाल बहादुर सिंह एवं पोड़ी खुर्द सरपंच प्रतिनिधि गमलेश तंवर, नुरुल हसन खान, गोरे लाल साहू, प्रितम दास, श्याम दास, राकेश गुर्जर, धीरज गुर्जर, गणेश कुमार सिदार, जगत राम, विजय पाल, विनोद, ईश्वर दयाल, वीरेंद्र, श्याम सुंदर, मनोज, सुरेंद्र, राजेंद्र, दिनेश कुमार, दशरथ लाल, करण दास, सहित भु विस्थापित एवं आसपास के ग्रामीण मुख्य रूप से उपस्थित थे।