क्लासरूम में रील बना रही थी शिक्षिका, शिकायत के दौरान प्रिंसिपल के सामने ही भिड़ गए
कोरबा। एनटीपीसी के डीपीएस स्कूल में शिक्षकों के बीच आपस में मारपीट की घटना हो गई। मामला थाना तक भी पहुंचा लेकिन कोई FIR नहीं हुई है। हालांकि इस मामले की जांच एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा कराई जा रही है। इस घटना को लेकर चर्चा जरूर है कि डीपीएस स्कूल के मुख्य कर्ताधर्ता के तौर पर एनटीपीसी के सीजीएम और संबंधित अधिकारियों के लगाम इन पर नहीं है। किसी न किसी को उपकृत करने के कारण यह सारा बखेड़ा खड़ा होना बताया जा रहा है।
इस संबंध में जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक सारा घटनाक्रम उन शिक्षकों के बीच हुआ है जो रिटायर हो चुके हैं किंतु प्रबंधन के द्वारा उन्हें एडहॉक (संविदा) पर रखा गया है। इनमें तीन से चार शिक्षक शामिल हैं व एक महिला शिक्षिका भी। सूत्र बताते हैं कि घटना दिनाँक 18 सितंबर 2026 को उक्त महिला शिक्षिका के द्वारा क्लास रूम में मोबाइल पर रील बनाया जा रहा था। इस बात को लेकर दो शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज कराई और मामला प्रिंसिपल तक पहुंच गया। यहां प्रिंसिपल का भी सेवाकाल बढ़ा कर कार्य लिया जा रहा है। इन दो शिक्षकों में से एक शिक्षक हृष्ट पुष्ट है और खास समर्थक होने से बाउंसर की भूमिका में रहता है। बताया जा रहा है कि प्रिंसिपल के कक्ष में ही इनमें बात बढ़ गई और आपस में होते-होते दोनों शिक्षक गाली-गलौच से धक्का-मुक्की करते मारपीट पर उतर आये। तीन से चार शिक्षकों के बीच विवाद बढ़ा लेकिन दो शिक्षकों में मारपीट हुई और इन्हें विभागीय अस्पताल में भर्ती भी होना पड़ा।
बताया जा रहा है कि दोनों शिक्षकों के द्वारा शिकायत लेकर थाना तक भी पहुंचाया गया लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस ममले में जहां दर्री थाना प्रभारी निरीक्षक तेज कुमार यादव ने किसी भी तरह के ऐसे घटनाक्रम के होने और जानकारी में आने से इनकर किया है वहीं दूसरी तरफ प्राचार्य सतीश शर्मा के द्वारा भी घटना को लेकर कोई जानकारी देने से परहेज किया जता रहा। मुख्य महाप्रबंधक से चर्चा करने पर उन्होंने घटना घटित होने की बात कही लेकिन यह भी कहा कि घटना की वजह क्या है, इसकी जांच कराई जा रही है।
सूत्र बताते हैं की यह सारा घटनाक्रम अपने आपको प्रबंधन के अधिकारियों और प्रिंसिपल का करीबी बताने से जुड़ा हुआ है साथ ही क्लासरूम में रील बनाने का भी मसला इसमें शामिल है। कुल मिलकर यह कहना गलत नहीं होगा कि आपसी ईगो की लड़ाई में शिक्षा का मंदिर डीपीएस एनटीपीसी अखाड़ा बन गया। अब यह भी चर्चा है कि शिक्षक रील बनाने और आपस में राजनीति करने, लड़ने आते हैं या पढ़ाने। अगर पढ़ाने आते हैं तो इन सबके लिए वक्त कैसे मिल जाता है। इनकी हरकतों का स्कूली बच्चों पर क्या असर पड़ेगा?
फिलहाल, जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की असल तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल डीपीएस एनटीपीसी में हुआ यह विवाद नगर व जानकारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।





