कोरबा। गुरुवार को कोरबा जिले के दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचे छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप पहले दिन विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए।
नगर के अशोक वाटिका में ‘ एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत साल पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जंगल और प्राकृतिक स्थल हम सभी की साझा धरोहर हैं। इनका संरक्षण, संवर्धन और आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है।
श्री कश्यप ने जिले में पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने दुर्लभ किंग कोबरा एवं रसेल वाइपर के संरक्षण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की बात कही।

श्री कश्यप ने इस अवसर पर नोवा नेचर के सदस्य तथा किंग कोबरा सहित विभिन्न प्रजाति के सर्पों, वन्यजीवों का रेस्क्यू कर जीवों और इंसानों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे रेस्क्यूअर जितेन्द्र सारथी को सम्मानित किया।
इस दौरान महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, अपर मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय, प्रभारी कलेक्टर एवं निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
👉🏻 कोरबा में स्नेक पार्क की योजना स्वागतेय
किंग कोबरा के संरक्षण को लेकर वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा कोरबा में जल्द स्नेक पार्क की योजना बनाने की बात कही गई है जो निश्चित रूप से स्वागत योग्य पहल है। लंबे समय से स्नेक पार्क की मांग उठाई जा रही है,अब इस मांग को शासन स्तर पर सकारात्मक दिशा मिलना कोरबा के लिए बड़ी उम्मीद है। स्नेक पार्क बनने से किंग कोबरा का संरक्षण, शोध, जन-जागरूकता और वन्यजीव शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इको-टूरिज्म के माध्यम से कोरबा की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। जितेन्द्र सारथी ने कहा है कि यह सिर्फ एक पार्क की मांग नहीं, बल्कि कोरबा की जैव-विविधता, संरक्षण और भविष्य के रोजगार से जुड़ी मांग है। अब उम्मीद है कि यह सामूहिक मांग जल्द ही धरातल पर आकार लेगी जो केवल कोरबा जिला ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय होगा।





