सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर प्रताड़ना का आरोप, सर्व पत्रकार एकता महासंघ ने SP से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की
कोरबा। जिले के ग्राम हरदी बाजार में 14 वर्षीय नाबालिग कुमारी मुस्कान चौहान की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित परिवार और सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर मानसिक प्रताड़ना के चलते मुस्कान ने जान दे दी। साथ ही थाना हरदी बाजार पुलिस पर शिकायत नहीं लेने और लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे के साथ पूरे टीम ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कोरबा को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पत्र में पीड़ित पिता श्री नरेश कुमार चौहान के आवेदन का हवाला दिया गया है।
क्या हुआ था? पूरा घटनाक्रम
पत्र के अनुसार, ग्राम हरदी बाजार निवासी 14 वर्षीय मुस्कान चौहान को आरोपी निखिल कंवर, उसकी माता और दीदी द्वारा सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का आरोप है कि इस प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता मुस्कान और उसके माता-पिता 21.07.2026 और 22.07.2026 को थाना हरदी बाजार शिकायत करने गए थे। लेकिन थाना प्रभारी व स्टाफ द्वारा न तो शिकायत ली गई और न ही FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया है कि पुलिस की इसी घोर लापरवाही के कारण मानसिक रूप से टूट चुकी मुस्कान ने 24.07.2026 को आत्महत्या कर ली। चूंकि मामला एक नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए इसे POCSO एक्ट से संबंधित अति संवेदनशील प्रकरण बताया गया है। महासंघ ने पत्र में दो पक्षों पर कार्रवाई की मांग रखी है :-
1. आरोपी निखिल कंवर व परिजन के खिलाफ:
- BNS 2023: धारा 108 – आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण, धारा 137(2) – नाबालिग का अपहरण, धारा 351 – आपराधिक धमकी, धारा 356 – मानहानि, धारा 61 – आपराधिक षडयंत्र
- POCSO एक्ट 2012: धारा 11, 12, 14
- IT एक्ट 2000: धारा 67, 67A – इलेक्ट्रॉनिक रूप से आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण तथा BNS की धारा 107 या धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना)
2. थाना हरदी बाजार पुलिस के खिलाफ:
- BNS 2023: धारा 221 – कर्तव्य में लापरवाही
- POCSO एक्ट 2012: धारा 21 – शिकायत न दर्ज करना
महासंघ की 7 प्रमुख मांगें
प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे ने SP से निम्न मांगें की हैं:
- तत्काल FIR और गिरफ्तारी: आरोपी निखिल कंवर एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों पर उपरोक्त धाराओं में FIR दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
- डिजिटल फॉरेंसिक: मृतिका और आरोपी के मोबाइल जब्त कर FSL जांच, CDR और सोशल मीडिया का तकनीकी विश्लेषण कराया जाए।
- पुलिस पर कार्रवाई: 21.07.2026 और 22.07.2026 को ड्यूटी पर उपस्थित थाना प्रभारी व स्टाफ के विरुद्ध BNS धारा 221 व POCSO धारा 21 में विभागीय और आपराधिक कार्रवाई कर तत्काल निलंबित किया जाए।
- सबूत सुरक्षित हों: थाने की CCTV फुटेज और रोजनामचा सुरक्षित कर जांच में शामिल किया जाए।
- SIT गठन: निष्पक्ष जांच हेतु विशेष जांच टीम गठित कर 15 दिवस में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
पत्र में कहा गया है कि “पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर दोषियों को कठोर सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य नाबालिग के साथ ऐसी घटना न हो।”
प्रतिलिपि इन अधिकारियों को भेजी गई
महासंघ ने पत्र की प्रतिलिपि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोरबा, थाना प्रभारी हरदी बाजार, कलेक्टर कोरबा, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग और उप मुख्यमंत्री/गृहमंत्री विजय शर्मा को भी भेजी है।
पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी तय होगी?
इस पूरे प्रकरण में अब सबसे बड़ा सवाल थाना हरदी बाजार पुलिस की भूमिका को लेकर है। यदि 21-22 जुलाई को दी गई शिकायत पर समय रहते कार्रवाई हुई होती तो शायद एक मासूम की जान बच सकती थी। अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक इस संवेदनशील मामले में महासंघ की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और 15 दिन में गठित होने वाली जांच टीम क्या तथ्य सामने लाती है।












