👉🏻 शासकीय भूमि पर प्रस्तावित प्लांट
👉🏻स्कूल-मंदिर और आबादी के बीच उद्योग स्थापना का विरोध
👉🏻 धूल, प्रदूषण और भारी वाहनों से क्षेत्र पहले ही बेहाल होने का दावा
रायपुर-तिल्दा। रायपुर जिले के तिल्दा जनपद क्षेत्र के अंतर्गत क्षेत्र क्रमांक 14 रायखेड़ा के निकट ग्राम पंचायत मढ़ी में गौरी गणेश इस्पात प्राइवेट लिमिटेड का विरोध है। इसके प्रस्तावित विस्तार/द्वितीय यूनिट को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए पर्यावरण जनसुनवाई स्थगित करने की मांग की गई है।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को शिकायत सौंपकर जनपद सदस्य सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिस परियोजना के लिए जनसुनवाई प्रस्तावित है, वह घनी आबादी, शासकीय संस्थानों और धार्मिक स्थलों के बेहद करीब स्थापित की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में कहा है कि प्रस्तावित यूनिट पटवारी हल्का नंबर-35 के खसरा नंबर 38/1 की लगभग 45.405 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उद्योग के आसपास कई ग्राम पंचायतें बसी हुई हैं तथा प्लांट के सामने लगभग 50 मीटर की दूरी पर शासकीय हाई स्कूल और करीब 150 मीटर की दूरी पर मां बंजारी शक्तिपीठ स्थित है। ऐसे में भारी उद्योग की स्थापना से स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि वर्तमान में संचालित प्लांट से निकलने वाली धूल और काला धुआं पहले से ही लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। उनका कहना है कि प्लांट से निकलने वाली डस्ट घरों के भीतर तक पहुंच रही है, जिससे लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। शिकायत में क्षेत्र के तालाबों और पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने का उल्लेख किया गया है।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि प्लांट से जुड़े भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है तथा कई ग्रामीण मार्ग जर्जर हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उद्योग विस्तार से यह समस्या और गंभीर हो जाएगी।
ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण मंडल से मांग की है कि प्रस्तावित जनसुनवाई को तत्काल स्थगित किया जाए और परियोजना के पर्यावरणीय, सामाजिक एवं जनस्वास्थ्य संबंधी प्रभावों का निष्पक्ष मूल्यांकन कराया जाए। उनका कहना है कि जब तक स्थानीय लोगों की आपत्तियों का समाधान नहीं होता, तब तक जनसुनवाई आयोजित करना जनभावनाओं की अनदेखी होगी।







