👉🏻 चर्चा तेज – एक की सूचना पर दूसरे का माल पकड़ रहे, उसका हाथ नहीं लगा रहे
👉🏻 विरोध में आवाज उठाने वाले ने बिना जांच एफआईआर का लगाया आरोप
👉🏻 कंट्रोल रूम में सूचना के बाद भी नहीं पकड़ा वाहन
कोरबा। पुलिस अधीक्षक की बेहद सख्ती के मध्य कोरबा क्षेत्र में कबाड़ को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। हाल-फिलहाल घटित चर्चित घटनाक्रम को लेकर सवाल उठे हैं कि क्या “कबाड़ियों का राज” फिर से शुरू होने जा रहा है? बीते महीनों में एक कबाड़ी के विरुद्ध की गई ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई के बाद माना जा रहा था कि अवैध कबाड़ के कारोबार और इनके संरक्षण में फल-फूल रही चोरी के मामलों में अंकुश लगेगा लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा। जिले के विभिन्न थाना-चौकी क्षेत्र में लोहा, तांबा,अल्युमिनियम, पीतल निर्मित /उपयोग युक्त सामानों की चोरियों का सिलसिला जारी है। कहीं खिड़की का एंगल उखाड़ रहे हैं तो कहीं सुरक्षा के लिए लगाई हुई जाली तो किसी भवन की लोहे की खिड़की- दरवाजा-ग्रिल उखाड़ लिया जा रहा है। निर्माण के लिए रखी गई सामग्रियों और उपयोग में आने वाली मशीनों को भी चोरी किया जा रहा है।
आखिर चोरी किए गए इन सामानों और इनमें से निकलने वाले विभिन्न धातुओं को किसके पास बेचा जा रहा है? कोई ना कोई कबाड़ी इसे खरीदता ही होगा। चोरियां थमने का नाम नहीं ले रही और ज्यादातर मामलों में नशेड़ी प्रवृत्ति के युवा और किशोर व कई मामलों में आदतन चोरों की बदौलत कबाड़ की अघोषित दुकानें गुलजार हो रही हैं।
👉🏻 अज्ञात गोदाम से धूल झोंक रहे
शीशी-पुट्ठा की आड़ में अलग से गोदाम बनाकर पुलिस की आंख में धूल झोंका जा रहा है तो कहीं घरेलू व अनुपयोगी कचरे के रूप में निकलने वाले टीना-टप्पर की आड़ में तो कुछ मामलों में कथित फर्जी जीएसटी बिल की आड़ में स्क्रैप लोहा के साथ चोरी का लोहा खरीदा-बेचा जा रहा है। छोटे-छोटे दुकानदार सामान खरीदने के बाद एक बड़े कबाड़ी के पास खपा रहे हैं, जो पुराने बड़े नामचीन कबाड़ी को पस्त कर अपना सिक्का जमाने की कश्मकश में लगा है। यह कथित बड़ा कबाड़ी फिलहाल छोटे स्तर पर सिर उठाने लगा है और अपनी पकड़ भी महकमा में मजबूत कर रहा है। हाल फिलहाल घटित घटना इसके इर्द-गिर्द घूमती नजर आती है और जब सवाल उठता है तो सवाल उठाने वाले को साम-दाम-दण्ड-भेद से घेरने की कवायद होती है।
👉🏻 इधर रवि साहू-उधर गुलाम
शहर की हवा खराब करने वाले इस चर्चित मामले में जहां एक तरफ रवि साहू व अन्य तो दूसरी तरफ गुलाम मोहम्मद खड़ा नजर आता है। गुलाम के विरुद्ध FIR दर्ज कराने के बाद माना जा रहा है कि उसकी कोशिशें पस्त होंगे तो दूसरी तरफ गुलाम का कहना है कि वह अवैध कबाड़ के विरुद्ध जो मुहिम चला रहा है, वह डराने-धमकाने, झूठे मामलों से कमजोर नहीं पड़ेगी। हालांकि उसके विरुद्ध 1 लाख रुपए वसूली की रकम मांगने का भी गंभीर आरोप लगा है लेकिन गुलाम का कहना है कि यह बहुत पहले का ऑडियो है जिसमें उधार के तौर पर रुपए मांगने और एक समय सीमा में लौटा देने का जिक्र है। इसे तोड़- मरोड़ कर मेरे खिलाफ माहौल बनाने व झूठ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सारा कुछ खेल रचा जा रहा है, लेकिन ऐसे झूठ तरीके से फंसा कर भी वह लोग उसे कमजोर नहीं कर पाएंगे। यह मामला इन दोनों पक्ष को जाने वालों के साथ-साथ शहरवासियों के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
👉🏻 मामला डीजीपी-आईजी तक पहुंचा
इन सब के बीच महकमा और महकमा के लोग कहीं ना कहीं दो पाटों के बीच पिसने जैसी स्थिति में नजर आ रहे हैं। बीते दिनों हुए घटनाक्रम को लेकर मामला डीजीपी और आईजी तक पहुंच चुका है तो वहीं गुलाम मोहम्मद ने एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है। वह एक और गंभीर आरोप लगा रहा है कि पुलिस कंट्रोल से सूचना दिए जाने के बाद भी कबाड़ लदी गाड़ी को पकड़ने में आना-कानी की गई/असमर्थता बताई गई। अब इसकी हकीकत तो महकमा जाने, लेकिन जिले के विभिन्न थाना-चौकी क्षेत्र में अवैध कबाड़ी सिर तो उठाने लगे हैं। अवैध कबाड़ के काम में संलिप्त लोगों की वजह से खाकी पर भी सवाल उठाते रहे हैं,दाग लगते रहे हैं। सवालों के बीच कार्रवाई भी होती रही है लेकिन अंत में सवाल फिर से है कि “क्या शहर व जिले में “कबाड़ी राज” फिर से शुरू होने जा रहा है। दूसरी तरफ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत और सूचना पर धर पकड़ की कार्रवाई की जाती है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विधि सम्मत कार्रवाई पुलिस कर रही है। कार्रवाई में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। इस तरह के आरोप निराधार हैं।




